प्रॉपर्टी के लिए मां की हत्या की हत्या करने के दोषी करार दिल्ली के टिकरी गांव के युवक सोनू को एएसजे डॉक्टर गगनगीत कौर की अदालत ने उम्रकैद व एक लाख 15 हजार रुपये जुर्माना भरने की सजा सुनाई है। घटना की शिकायत आरोपी की बहन ने दर्ज कराई थी। अज्ञात पर केस दर्ज हुआ। बाद में शिकायतकर्ता ने कहा कि अज्ञात हत्यारा उसका भाई नहीं है। पर कोर्ट ने घटनास्थल के पास से मोबाइल फोन की लोकेशन और हत्या में प्रयुक्त हथौड़े की बरामदगी के बाद आरोपी बेटे को दोषी करार दिया। साथ ही अदालत ने दोषी युवक की रहम की याचिका पर कहा कि, उसके ऊपर मां की हत्या का गंभीर आरोप है, ऐसा व्यक्ति दया का पात्र नहीं हो सकता।
मां व दोनों बच्चों और वह खाना खाकर सो गए
सांपला की देव कॉलोनी में रहने वाली सोनिया ने मई 2020 में सांपला थाने में शिकायत दी कि वह मूलरूप से दिल्ली के टिकरी गांव की रहने वाली है। पिता व दो भाई टिकरी गांव तो एक भाई गिझी में रहता है। वह उसका पति जितेंद्र भी अलग रहता है। उसकी मां रामप्यारी भी उसके साथ देव कॉलोनी में रहती है। शाम को मां व दोनों बच्चों और वह खाना खाकर सो गए।
रात एक बजे उसे मां के कमरे से चीख सुनाई दी। वह गई तो अज्ञात व्यक्ति उसकी मां के सिर में हथौड़े से वार कर रहा था। उसने बचाव करने का प्रयास किया तो उसके हाथ पर भी हथौड़ा मारा और जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गया। उसने घायल मां को पीजीआई में दाखिल कराया, जहां अगले दिन उसकी मौत हो गई। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच की और रामप्यारी के बेटे सोनू को गिरफ्तार कर लिया। तभी से जिला अदालत में केस की सुनवाई चल रही थी। सोमवार को अदालत ने सोनू को दोषी करार दिया था।
बहन ने भाई को नहीं पहचाना, अदालत ने तकनीकी सबूतों पर दी सजा
वकील ने बताया कि गवाही के दौरान शिकायतकर्ता सोनिया ने अदालत में कहा कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसकी मां की हत्या की थी। अज्ञात व्यक्ति उसका भाई सोनू नहीं है। जबकि पुलिस ने सोनू को ही गिरफ्तार किया था। क्योंकि वारदात के समय उसके मोबाइल फोन की लोकेशन घटनास्थल पर मिली थी। साथ ही उसे हथौड़ा भी बरामद किया गया था। पुख्ता सबूतों के आधार पर अदालत ने उसे दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।
जानें...किन धाराओं के तहत क्या सजा सुनाई
- हत्या की धारा 302 के तहत उम्रकै व एक लाख रुपये जुर्माना
- घर में घुसने की धारा 452 के तहत 7 साल की कैद, सात हजार रुपये जुर्माना, जुर्माना न देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
- जान से मारने की धमकी की धारा 506 के तहत सात साल की कैद, सात हजार रुपये जुर्माना और न भरने पर 6 माह की अतिरिक्त सजा
- मारपीट की धारा 323 के तहत एक साल की कैद, एक हजार रुपये जुर्माना और न भरने पर 15 दिन की अतिरिक्त सजा।