हिमवंत जिमि गिरिजा महेसहि हरिहि श्री सागर दई।
तिमि जनक रामहि सिय समरपी बिस्व कल कीरति नई॥
जैसे हिमवान ने शिवजी को पार्वतीजी और सागर ने भगवान विष्णु को लक्ष्मीजी दी थीं, वैसे ही जनकजी ने श्री रामचंद्रजी को सीताजी समर्पित कीं, जिससे विश्व में सुंदर नवीन कीर्ति छा गई। मिथिला के राजा जनक द्वारा सीताजी का हाथ श्रीराम को देने का यह मनोहारी दृश्य अयोध्या की रामलीला में इस बार फिर जीवंत होगा। महाराजा जनक की भूमिका में महाभारत के धर्मराज यानी डीएलसी सुपवा के कुलपति (वीसी) गजेंद्र चौहान होंगे। रामलीला का मंचन 14 से 24 अक्तूबर तक राम कथा पार्क, नया घाट अयोध्या में किया जाएगा। तकनीक की मदद से इस रामलीला को 40 करोड़ लोगों को दिखाने का लक्ष्य रखा गया है।
हरियाणवी कलाकार ममता सिंह भी दिखेंगी, पूनम ढिल्लो माता सबरी का रोल निभाएंगी
गजेंद्र चौहान ने अमर उजाला को बताया कि 1969 में जब वह 7वीं कक्षा में थे, तब पहली बार उन्होंने श्रवण कुमार की भूमिका निभाई थी। यह उनकी यात्रा की शुरुआत थी। उस समय दो चारपाई को जोड़कर और उसके ऊपर साड़ी डालकर कुटिया बनाते थे। युवावस्था में शिव का रोल किया था, तब असली सांप गले में लटकाए जाते थे। चेहरे के भाव और दर्शकों की ओर नजरें और गर्दन घुमाने पर सांप भी हरकत करता था। एक बार डॉयलॉग बोलते समय मुंह खोलते ही उसने जीभ में डस लिया था। यह कभी न भूल पाने वाला सीन था। अब तक 147 धार्मिक सीरियल में काम कर चुके हैं। दिल्ली में लाल किला में होने वाली लव-कुश रामलीला में भी वे कई किरदार निभा चुके हैं।
उन्होंने बताया कि इस बार की रामलीला में कई किरदार पुराने हैं तो कई नए कलाकार भी शामिल किए गए हैं। वह जनकजी की भूमिका निभाएंगे। महारानी सुनयना का किरदार कौन निभाएगा, अभी तय नहीं है। अभिनेत्री पूनम ढिल्लो माता शबरी का रोल निभाएंगी। रजा मुराद अहिरावण, राकेश बेदी विभीषण, राहुल भूचर श्रीराम, लिली सिंह सीताजी, गिरिजा शंकर रावण, वरुण सागर हनुमान के किरदार में दर्शकों के सामने प्रस्तुत होंगे। इस साल हरियाणवी अभिनेत्री ममता सिंह (परी) भी काम कर रही हैं।
दुनियाभर में 40 करोड़ लोगों को रामलीला दिखाएंगे
गजेंद्र चौहान ने बताया कि आज तकनीक के युग में रामलीला अधिक जीवंत हो गई है और इसे पहले से ज्यादा पसंद किया जाने लगा है। अयोध्या की रामलीला को पिछले साल दुनिया भर से ऑनलाइन 25 करोड़ लोगों ने देखा था। इस साल यह लक्ष्य 40 करोड़ लोगों तक पहुंचने का है। इसके अलावा अयोध्या में 25 हजार लोगों को एक साथ रामलीला दिखाने की व्यवस्था की गई है। इसका लाइव प्रसारण दूरदर्शन और सोशल मीडिया पर भी किया जाएगा।