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साक्षी के सम्मान को जुटेंगे नेता और अधिकारी, हर किसी को खुला बुलावा

Tue, 23 Aug 2016 02:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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साक्षी मलिक - फोटो : PTI
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ओलंपिक में भारत को पहला पदक दिलाने वाली पहलवान साक्षी मलिक के सम्मान में पूरा जिला बेताब है। पहलवान के पैतृक गांव मोखरा में सबसे बड़ा सम्मान समारोह रखा गया है। साक्षी के सम्मान को नेता, अधिकारी व आम लोग सभी जुटेंगे और हर किसी को खुला बुलावा भी भेजा गया है। प्रदेश के सीएम मनोहर लाल खट्टर, यूपी के सीएम अखिलेश यादव और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को न्योता दिया गया है। प्रदेश के मंत्रियों और खेल विभाग के अधिकारियों समेत सभी को समारोह में बुलाया गया है। 
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मोखरा में सम्मान समारोह आयोजन समिति के सदस्य नवीन मलिक ने बताया कि कार्यक्रम स्थल पर जोरशोर से काम चल रहा है। ऐन मौके पर कोई परेशानी न हो, इसके लिए सोमवार से टेंट लगाना शुरू कर दिया है। साक्षी के पिता सुखबीर मलिक ने बताया कि साक्षी को लेने के लिए वे मंगलवार रात एक बजे घर से रवाना होंगे। क्योंकि साक्षी बुधवार सुबह साढ़े तीन बजे दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचेगी। उसे दिल्ली सरकार की ओर से सम्मान के तौर पर बार्डर तक लाया जाएगा। साक्षी का सबसे पहले नांगलोई बस अड्डे पर स्वागत होगा, जहां साक्षी के पिता तैनात हैं।

वहां आधा घंटा रुकने के बाद उनका काफिला इस्माइला गांव में पहुंचेगा। यहां साक्षी के मामा की ओर से खाने का इंतजाम है और दो घंटे का कार्यक्रम रखा गया है। वहां से एक बजे के आसपास चलेंगे तो खरावड़ में सम्मान समारोह होगा। यहां से रोहतक के लिए रवाना होंगे और शहर में सम्मान जुलूस निकाला जाएगा। वे पहले कैनाल रेस्ट हाउस पहुंचेंगे और उसके बाद उनका जुलूस मोखरा के लिए रवाना होगा। मोखरा में शाम साढ़े तीन बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगे। समारोह के बाद साक्षी वापस घर आएगी और इतने दिन बाद परिवार के साथ समय बिताएगी। 
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51 किलो की गदा से होगा सम्मान
नवीन मलिक के अनुसार साक्षी को सम्मान में 51 किलो की गदा देने पर मंथन किया जा रहा है। क्योंकि एक पहलवान का सम्मान गदा देकर करना सबसे बेहतर माना जा रहा है। 

प्रशासन के साथ आज दिल्ली जाएगा परिवार
साक्षी मलिक को लेने के लिए मंगलवार रात लगभग एक बजे प्रशासनिक अधिकारियों के साथ उसका परिवार दिल्ली के लिए रवाना होगा। प्रशासनिक अधिकारियों ने इसकी तैयारियों को लेकर सोमवार को साक्षी के परिवार वालों के साथ बातचीत की। साक्षी की सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा गया है।

एमडीयू के आगे से भिवानी स्टैंड तक जुलूस
सुखबीर मलिक ने बताया कि शहर में जुलूस दिल्ली बाईपास से शुरू होकर एमडीयू के सामने, पावर हाउस, अशोका चौक से कैनाल रेस्ट हाउस पहुंचेगा। यहां प्रशासन की ओर से सम्मान किया जाएगा और उसके बाद छोटूराम चौक से होते हुए भिवानी स्टैंड तक जाएंगे। यहां से सीधे मोखरा में कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगे। 

मदीना से मोखरा तक पूरा गांव बाइक के काफिले पर करेगा स्वागत
महम चौबीसी के गांव मोखरा में इस समय शादी समारोह जैसा माहौल है। गांव का हर नागरिक बेटी के स्वागत के लिए जी जान से जुटा है। पूरे गांव ने पंचायत कर गांव की तरफ  से स्वागत समारोह आयोजित करने का फैसला लिया है। गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में बने स्टेडियम में समारोह होगा। सभी के लिए प्रसाद के 20 हजार पैकेट तैयार करवाए जा रहे हैं। बस स्टैंड के पास अलग-अलग पार्किंग बनाई जाएंगी। पानी का प्रबंध किया जा रहा है।

चौबीसी सर्व खाप पंचायत देगी चौबीसी रत्न
गांववासी मोखरा तपा प्रधान रामकिशन मलिक ने बताया कि महम चौबीसी सर्व खाप पंचायत की तरफ  से साक्षी मलिक को चौबीसी रत्न से सम्मानित किया जाएगा। इसमें चौबीसी सर्व खाप पंचायत के कार्यकारी प्रधान हरिओम सिवाच बेटी को सम्मानित करेंगे। चौबीसी पंचायत के अंतर्गत सभी तपों के प्रधान कार्यक्रम में शिरकत करेंगे।

बनेंगे 3 मंच, साक्षी का मंच होगा सबसे ऊंचा
गांववासी फूलकुमार मलिक ने बताया कि पंडाल में तीन मंच बनाए जाएंगे। कांस्य पदक विजेता साक्षी मलिक का मंच सबसे ऊंचा होगा। एक मंच वीआईपी लोगों के लिए होगा तो तीसरा मंच गणमान्य व्यक्तियों और प्रेस के लिए।

मोखरा गांव से सत्यदेव रियो में गए बतौर रेफरी
गांववासी रमेश मलिक ने बताया कि उसके ताऊ का लड़का सत्यदेव पुत्र शमशेर सिंह भी रियो ओलंपिक में बतौर रेफरी शामिल हुए। गांव की बेटी साक्षी मलिक ने जब कुश्ती में कांस्य पदक जीता तो पूरे देश ने खुशियां मनाई। सत्यदेव देश लौट आए हैं और साक्षी मलिक के साथ ही गांव में पहुंचेंगे।  

सत्येंद्र मोखरा हैं हिंद केसरी पहलवान
वैसे तो मोखरा की हरियाणा के सबसे बडे़ गांवों में गिनती की जाती है, लेकिन गांव की दूसरी पहचान पहलवानों से भी रही है। गांव में पुराने जमाने से ही पहलवानी का शौक रहा है। साक्षी मलिक के ताऊ वेदपाल  मलिक ने बताया कि गांव में बहुत से पहलवान हुए हैं। वे केवल राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी छाए।

इसमें खुद साक्षी के दादा बदलूराम और माड़िया पहलवान का नाम सबसे ऊपर है। माड़िया राम 80-85 साल की उम्र में आज भी अखाडे़ में जाकर बच्चों को पहलवानी करते देखते हैं तो धोती को टांग कर पहलवानी के गुरू सिखाने लग जाते हैं। गांव में एक अखाड़े को माड़िया राम अखाड़े के नाम से ही जाना जाता है। इसके अलावा गांव से काफी पहलवान कनाडा जाकर कुश्ती लड़ चुके हैं तो कई पहलवान हिंद केसरी हैं। इनमें हाल फिलहाल सत्येंद्र मोखरा हिंद केसरी हैं। छतर पहलवान भी हिंद केसरी रहे हैं।

रमेश किलाहवड़िया व नरेंद्र दांगी करेंगे मनोरंजन
गांव वासियों ने बताया कि बुधवार सुबह से ही लोग गांव में आना शुरू कर देगें, इसलिए उनके मनोरंजन के लिए हरियाणावी रागनियों का कार्यक्रम भी रखा गया है। इसमें हरियाणा के जाने माने गायक रमेश किलाहवड़िया और नरेंद्र दांगी प्रस्तुति देंगे। ग्रामीणों का कहना है कि समारोह में केवल साक्षी के स्वागत की तैयारी है और मंच का राजनीतिक प्रयोग नहीं होने दिया जाएगा।

साक्षी से मिली हौसला, हम भी लडे़ंगे कुश्ती
वहीं स्टेडियम में चल रही स्वागत समारोह की तैयारी के दौरान बच्चों से बात की तो उन्होंने बताया कि हमें तो स्कूल की टीम में भी जगह नहीं मिलती। अब गांव में सुनते हैं गांव की छोरी ओलंपिक में जीत कै आई सै। उसका स्वागत करया जागा। ईब हमनै घर बी कैहण लागै अक जब छोरी विदेशां में जीत कै आवैं सै थम बी कुछ कर ल्यो। हमनै तो पहलवानां कै माला घली देखी थी। इब बेरया पाट्या अक कुश्ती में जान लगाणी पडै़ सै। न्यू ए कोनी बणदा पहलवान। इब आगी म्हारै समझ म्ह। इब हाम भी कुश्ती लडैंगे।
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