विजेंद्र कौशिक
रोहतक। गोहाना रोड स्थित मकड़ौली टोल पर हुई किसान महापंचायत में पहुंचे किसान नेता राकेश टिकैत व गुरनाम सिंह चढूनी के बीच नजदीकी नजर नहीं आई। दोनों नेता करीब चार घंटे तक मंच पर रहे, लेकिन दोनाें नेताओं की न आंखें मिलीं और न ही हाथ मिलाए।
हुडा खाप के प्रधान ओमप्रकाश हुड्डा व मकड़ौली टोल धरना कमेटी की तरफ से महापंचायत का आयोजन किया गया था। महापंचायत में किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी का आना पहले से तय था। इसके अलावा संयुक्त किसान मोर्चे के नेताओं के दो-तीन नेताओं को बुलाया गया था, लेकिन आयोजक किसान नेता राकेश टिकैत के आने को लेकर आशावान नहीं थे। दोपहर 12 बजे तक 400 फुट लंबा व 80 फुट तक चौड़ा पंडाल भर गया था। महिलाओं की भी महापंचायत में अच्छी भागीदारी दिखी। दोपहर करीब 12 बजकर 48 मिनट तक गुरनाम सिंह चढूनी महापंचायत में पहुंचे। किसानों ने जोश के साथ उनका स्वागत किया। 10 मिनट बाद किसान नेता राकेश टिकैत भी पहुंच गए, जिनके आने की भीड़ को उम्मीद नहीं थी। आते ही टिकैत मंच के सामने नीचे ही किसानों के बीच बैठ गए। उस समय चढूनी मंच पर आ चुके थे। यह देखकर आयोजक पशोपेश में पड़े गए। तत्काल मंच से किसान नेता राजू मकड़ौली ने टिकैत से आग्रह किया कि वे किसानों के बड़े नेता हैं। मंच पर आ जाएं। यह सुनकर टिकैत मंच पर आ गए। मंच पर पहली पंक्ति में पूर्व की तरफ गुरनाम सिंह चढूनी व पश्चिमी दिशा की ओर राकेश टिकैत बैठे। बीच में किसान नेता युद्धवीर व किसान नेता सुरजीत सिंह व जगजीत सिंह मौजूद रहे। वहीं जब टिकैत महापंचायत के आखिर में संबोधित कर रहे थे, उस समय चढूनी मंच से उठकर किसानों के बीच आए गए।
लंबा खिंचा आंदोलन, उठकर चलने लगे किसान
राकेश टिकैत व गुरनाम सिंह चढूनी के आने मंच पर भीड़ बढ़ गई। मंच संचालन कर रहीं कांता आलड़िया को कई बार अनुशासन बनाए रखने का आग्रह करना पड़ा। वक्ताओं की लंबी लाइन होने के कारण आंदोलन शाम पांच बजे तक खिंचता चला गया। महिलाएं ज्यादा समय लगने के कारण उठकर चलने लगीं। मंच से महिलाओं से आग्रह किया गया कि वे अभी न जाएं।
...जब मंच पर टिकैत से मिलने पहुंचे डीएसपी
टिकैत जब मंच पर बैठे थे, तभी डीएसपी मुख्यालय सज्जन सिंह उनके पास पहुंचे और टिकैत से पूछा कि उनका महापंचायत के बाद कहां जाने का प्रोग्राम है, ताकि उसी हिसाब से सुरक्षा व्यवस्था की जा सके।
महापंचायत में हुआ प्रयोग, महिला नेत्री को सौंपा मंच संचालन
महापंचायतों में पुरुषों का ही दबदबा रहा है, लेकिन मकड़ौली टोल पर हुई महापंचायत में नया प्रयोग किया गया। दलित समुदाय से नेत्री कांता आलड़िया को मंच संचालन की जिम्मेदारी दी गई।
वर्जन
चढूनी बोले-ऐसी कोई बात नहीं, करते हैं सलाह-मशविरा
मंच पर काफी समय बीता। राकेश टिकैत के साथ बातचीत होती रहती है। राम-राम हुई थी। महापंचायत के बाद जब टिकैत चारपाई पर बैठे थे, तब मैं मिलने भी गया था।
- गुरनाम सिंह चढूनी, किसान नेता
टिकैत बोले-चढूनी से बातचीत होती रहती है
दो दिन पहले महापंचायत का न्योता मिला था। कई जगह कार्यक्रम थे, ऐसे में पक्का तय नहीं था। ऐसे में दोपहर बाद एक बजे रोहतक पहुंचा। गुरनाम सिंह चढूनी से बातचीत होती रहती है। संयुक्त किसान मोर्चा के सभी 40 नेता एकजुट हैं। आंदोलन कामयाब रहेगा।
- राकेश टिकैत, किसान नेता