रोहतक। भाजपा सरकार से पहले नौकरियों के लिए गाड़ी भर-भरकर नेताओं के दरवाजे पर लोग जाते थे। नौकरियां रिश्तेदारों और पहुंच रखने वालों को मिलती थी। आज घर बैठे योग्यता के आधार पर युवाओं को नौकरियां मिल रही हैं। यह बात शनिवार को हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा ने कही।
डिप्टी स्पीकर गढ़ी सांपला किलोई विधानसभा क्षेत्र के काहनी गांव में प्रजापति चौपाल पर आयोजित सम्मान समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने ऐसी व्यवस्था की है कि किसी भी जाति व धर्म का मेहनती युवा अपने बलबूते पर नौकरी पा सकता है। हरियाणा में सरपंच, जिला परिषद, ब्लॉक समिति में भी पिछड़ा वर्ग आरक्षण का प्रावधान किया है। इस दौरान भाजपा के महामंत्री राजेश भालोट, सतीश ठेकेदार, नीलम पांचाल, शमशेर सरपंच, अशोक खत्री, नरेश कुंडिया, राजेश सैनी, सुरजीत जसिया, सुनील फौगाट, रोहतास तंवर, कृष्णलाल प्रजापति, सतीश प्रजापति, रमेश नागपाल, रतन सिंह तवर, सुदामा, दिनेश मुदगिल आदि मौजूद रहे।
पारदर्शी योजना से खोला नौकरी का रास्ता : मनीष
भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष मनीष कुमार ग्रोवर ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले होनहार बच्चों को नौकरी नहीं मिल पाती थी। राजनीतिक पहुंच नहीं होने व आर्थिक स्थिति कमजोर होने की वजह से नौकरी के लिए भटकते थे। प्रदेश सरकार ने पारदर्शी पॉलिसी बनाकर नौकरी के रास्ते खोलने का काम किया। बुजुर्गों ने सिर पर जो पगड़ी रखी है, उसका पूरा मान-सम्मान रखेंगे।