रोहतक। सेक्टर एक निवासी व खरावड़ की साहित्यकार बेटी आशा खत्री लता को हरियाणा साहित्य अकादमी की ओर से हिंदी सेवी साहित्य सम्मान के लिए चयनित किया गया है। इनका साहित्य से जुड़ाव 1997 में कारगिल युद्ध की घटनाओं से आहत होने पर हुआ।
अब तक इनकी 9 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। इनके सम्मानित किए जाने की घोषणा हरियाणा साहित्य अकादमी की ओर से की गई है। यह स्वीकृति अकादमी के अध्यक्ष मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने दी है।
गांव खरावड़ में जन्मी आशा का विवाह नरेला के निकट बाकनेर गांव में हुआ है। इनके पति दयानंद खत्री कृषि विभाग से पटवारी सेवानिवृत्त हैं। आशा खत्री स्वयं हरियाणा ग्रामीण बैंक में प्रबंधक के रूप में कार्यरत हैं। बचपन से ही इनकी रुचि पढ़ने लिखने में रही है। गौरतलब है कि हरियाणा साहित्य अकादमी द्वारा साहित्यकार सम्मान योजना वर्ष 2021 के लिए विभिन्न सम्मानों के लिए साहित्यकारों का चयन कर लिया गया है। मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव तथा सूचना, जनसम्पर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक डॉ. अमित अग्रवाल ने यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री के प्रेरक मार्गदर्शन में हरियाणा साहित्य अकादमी द्वारा गत 7 वर्ष की अवधि में साहित्यकार सम्मान योजना के अंतर्गत हिंदी एवं हरियाणवी के लगभग 100 साहित्यकारों को सम्मानित किया जा चुका है। डॉ. अमित अग्रवाल ने बताया कि अकादमी द्वारा वर्ष 2021 से विशेष हिंदी सेवी सम्मान (राशि 1 लाख रुपये) आरंभ किया गया है।