रोहतक। पीजीआईएमएस (एचएमपीवी ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस) को लेकर तैयार है। इसके लिए आपातकालीन विभाग के कमरा नंबर छह को 15 बेड का आइसोलेशन कक्ष बनाया गया है।
डे केयर के आईसीयू में 5 बेड आपातकाल के लिए रिजर्व रखे गए हैं। अभी तक पीजीआईएमएस में एचएमपीवी का एक भी मामला नहीं आया है। अगर वायरस आता भी है तो संस्थान पूरी तरह से कोविड 19 की तरह इसे भी भगाने में कसर नहीं छोड़ेगा। एचएमपीवी दिसंबर से पड़ोसी देश चीन से आरंभ हुआ है। इसके बाद यह लगातार फैल रहा है। यह वायरस श्वसन तंत्र पर प्रहार करता है। एचएमपीवी का पीजीआई में एक भी मामला नहीं आया है। विशेषज्ञों की मानें तो इस वायरस से चिंतित होने के बजाय सावधानी बरतने की आवश्यकता है। कोविड के समय जो एहतियात बरती गई, उसे ही दोहराना भर है। मास्क पहनें, साफ-सफाई का ख्याल, बीमार लोगों से दूरी बनाकर रखें, हैंडवॉश करें। एचएमपीवी वायरस उन लोगों को चपेट में ले रहा है, जिनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है। पांच से आठ साल के बच्चों से लेकर 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वालों पर इसका अधिक खतरा है।
-फोटो 58 : कार्यक्रम का शुभारंभ करते मुख्यातिथि डॉ. राजेश कुमार व साथ मौजूद प्राचार्य। स्रोत कॉ