फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसानों के लौटने से पटरी पर लौटेगा काम

विज्ञापन
विज्ञापन
बहादुरगढ़। किसानों के हटने से काम एक बार फिर पटरी पर लौटेगा। टीकरी बॉर्डर खुलने से बहादुरगढ़ के उद्योगों को बड़ी राहत मिली है। रास्ता बंद होने के कारण बहुत सी इकाइयों में ताला लग गया था। जो चल रही थीं, उनमें भी मजदूरों की किल्लत हो गई थी। सरकार और किसानों के बीच सहमति बनने के बाद उद्योगों को ऑक्सीजन मिली है। अब माल लाने और ले जाने में कोई दिक्कत नहीं आएगी।
विज्ञापन

एक साल से बंद दिल्ली-हरियाणा टीकरी बॉर्डर अब खुलने की उम्मीद नजर आ रही है। किसानों ने 11 दिसंबर को यहां से वापसी का एलान किया गया है। इससे उद्योगपतियों में खुशी है। उद्योगपति इसके लिए किसानों और सरकार का धन्यवाद कर रहे हैं। उद्यमियों का कहना है कि उनके काम-धंधे बिल्कुल चौपट हो गए थे अब दोबारा से पटरी पर लौटेंगे। न केवल उद्योगपतियों, बल्कि श्रमिकों का काफी नुकसान हो रहा था। एक वर्ष तक चले किसान आंदोलन के दौरान आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र के पार्ट-ए और बी में 125 से अधिक किराये पर चल रही इकाइयों पर ताले लटक गए थे। जो इकाइयां अपनी जमीन पर चल रही थी उनमें भी मजदूरों की काफी कमी हो गई थी।
उद्योगपतियों को बहादुरगढ़ से दिल्ली अपने काम-धंधे संभालने के लिए प्रतिदिन परेशान होकर यहां पहुंचना पड़ता था। हालांकि कुछ धंधे कोरोना की वजह से चौपट हो गए थे तो कुछ किसान आंदोलन की मार में बंद हो गए थे। अब उद्यमियों को राहत मिलेगी
विज्ञापन

- विकास आनंद सोनी, उपाध्यक्ष, बीसीसीआई
दिल्ली बॉर्डर खुलने से व्यापार पटरी पर लौटेगा। फैक्टरी संचालकों को काफी राहत मिलेगी। इसके लिए सरकार और किसानों का धन्यवाद है। जहां सरकार ने किसानों की मांग पूरी की और किसानों ने अपने घरों की वापसी का रुख किया।
- नरिंदर छिकारा, वरिष्ठ उप प्रधान, बीसीसीआई
अब उद्योगपति दिल्ली आसानी से आ-जा सकेंगे। साथ ही माल लाने और भेजने में भी किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं होगी। डिस्ट्रीब्यूटर बाहर से आते थे तो यहां पहुंचने में दिक्कत होती थी। अब यहां आसानी से आ सकेंगे। मजदूरों के अंदर भी जो डर बना हुआ था वह खत्म होगा। मजदूर जहां मेट्रो से आते-जाते थे तो खर्चा ज्यादा बढ़ गया था। अब भी कम हो जाएगा।
- सुनील गर्ग, उद्योगपति
गणपति धाम से भी उद्योगपतियों को दिल्ली की तरफ जाने में कई तरह के रास्तों का सफर तय करना पड़ता था। अब उनको समस्या से निजात मिलेगी। दिल्ली जाने और दिल्ली से हरियाणा आने में टीकरी बॉर्डर का इस्तेमाल होगा। अब दिल्ली बॉर्डर खुलेगा तो काम सुचारु रूप से चलेगा।
- नवीन मल्होत्रा, उद्योगपति गणपति धाम
बॉर्डर खुलने से आने-जाने वालों को मिलेगी राहत
एक साल से बंद दिल्ली बॉर्डर किसानों के घर वापसी के बाद खुल जाएगा। इससे न केवल यहां के उद्यमियों, व्यापारियों को काफी राहत मिलेगी। बल्कि शहरवासियों को भी सुकून मिलेगा। काफी लंबे समय से लोगों को दिल्ली आने-जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। बॉर्डर बंद होने के कारण सभी को खराब रास्तों से घूमकर जाना पड़ रहा था, इससे उन्हें न केवल आर्थिक नुकसान हो रहा था, बल्कि वाहनों से आने-जाने में भी काफी परेशानी आ रही थी। दिल्ली जाने के लिए न केवल शहरवासियों, बल्कि अन्य जिलों से आने वाले लोगों को भी दिक्कत झेलनी पड़ रही थी। अब टीकरी बॉर्डर खुलने के बाद दिल्ली-हरियाणा के बीच आवागमन सुलभ हो जाएगा। हालांकि पिछले दिनों किसानों ने दिल्ली व हरियाणा के बीच दुपहिया वाहनों के जाने के लिए ढाई-ढाई फुट का रास्ता खोल दिया था, लेकिन चार पहिया वाहन चालक बेहद परेशान थे। अब उन्हें भी राहत मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें