भारतीय प्रबंधन संस्थान रोहतक ने प्रबंधन में पांच वर्षीय एकीकृत कार्यक्रम के तीसरे बैच को शामिल किया है। इंडक्शन व ओरिएंटेशन कार्यक्रम पांच सितंबर तक चला। नए बैच को केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने संबोधित किया। संसद सदस्य डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी, सांसद असदुद्दीन ओवैसी, शेखर गुप्ता, प्रफुल्ल केतकर भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने आईपीएम कार्यक्रम के विविध पाठ्यक्रम की सराहना की। इसमें मानविकी, गणित, सूचना प्रौद्योगिकी समेत अन्य विषयों को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि न केवल यात्रा की शुरुआत का जश्न मनाएं, बल्कि पूरे सफर में उत्साह बनाए रखें। आप केवल भविष्य ही नहीं बना रहे हैं, बल्कि आप इसे चला भी रहे हैं। छात्रों को ओलंपियन की तरह सोचना व प्रदर्शन करना चाहिए। ओलंपियन अत्यधिक दबाव में उच्चतम स्तर पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हैं। इसी तरह, आईआईएम के छात्रों को दबाव में उच्चतम स्तर पर प्रदर्शन करना सीखना चाहिए। निरंतर प्रयासों व अनुशासित प्रदर्शन के माध्यम से ही बेहतर बना जा सकता है।
संसद सदस्य डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी ने अपने व्यावहारिक व संवादात्मक सत्र में छात्रों को विकास में नवाचार के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने प्रबंधन नवाचार का एक रूप होने की जानकारी देते हुए कहा कि इसमें लोगों को प्रबंधित करना व बढ़ावा देना शामिल है। प्रौद्योगिकी और विकास ने पारंपरिक सुस्त मॉडल को हटा दिया है। उन्होंने आईआईएम निदेशक प्रो. धीरज शर्मा की लिखित पुस्तक फिल्म मैं और संस्कृति का ऑनलाइन विमोचन भी किया। निदेशक ने किताब में वैज्ञानिक व्याख्या की है। बॉलीवुड फिल्मों ने समाज को कैसे प्रभावित किया है, यह विशेष रूप से दर्शाया गया है। सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी भारतीय संविधान का महत्व विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए छात्रों से बातचीत की। उन्होंने समानता व सार्वभौमिक विकास के सिद्धांतों के साथ भारतीय संविधान में नियंत्रण व संतुलन के महत्व पर जोर दिया। छात्रों को आर्थिक विशेषज्ञ डॉ. बजरंग लाल गुप्ता, संकल्प फाउंडेशन के संस्थापक संतोष तनेजा से बातचीत करने का अवसर मिला।