रोहतक। मानसून मै इबकै रोहतक मै भी राम राजी दिखै सै, खूब बरस रया सै.. जिले के लोग इस बार हुई बारिश को देख कर यहीं बात कह रहे हैं। यह बात मानसून के पिछले कुछ वर्ष के आंकड़ों को देखें तो सच भी साबित हो रही है। जिले में तीन दिन हुई बारिश ने मानसून की बारिश के पिछले कई साल के रिकॉर्ड को सुधार दिया है। जिले में 12 सितंबर तक सामान्य से 8 प्रतिशत अधिक बारिश हो चुकी है।
मौसम विभाग के अनुसार रोहतक में मानसून (1 जून से 30 सितंबर तक) में सामान्य तौर पर 508 एमएम बारिश होती है। वहीं 12 सितंबर तक बात करें तो जिले में 468.5 एमएम सामान्य बारिश मानी जाती है। जबकि इस बार 504.9 एमएम बारिश दर्ज की जा चुकी है। यानी अब तक 8 प्रतिशत अधिक बारिश हो चुकी है। पिछले साल मानसून में रोहतक में सामान्य से 57 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई थी। सबसे कम वर्षा के नाम पर रोहतक पंचकूला के बाद प्रदेश में दूसरे स्थान पर था। वहीं 2019 के मानसून में सामान्य से 72 प्रतिशत कम बारिश के साथ जिला कम बारिश के मामले में प्रदेश में पहले स्थान पर था।
मानसून सीजन वर्षा
2017 50 प्रतिशत कम
2018 40 प्रतिशत कम
2019 72 प्रतिशत कम
2020 57 प्रतिशत कम