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Rohtak News: हुड्डा ने आयुक्त को कार्रवाई के लिए कहा, एसडीएम ने दे दी क्लीनचिट

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रोहतक। हुडा सिटी पार्क में हरे पेड़ काटने के मामले में नया मोड़ आ गया है। शनिवार सुबह पार्क में पहुंचे पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा को कॉल करके मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा। दोपहर तक मामले की जांच कर प्रशासन ने अधिकारियों को क्लीनचिट दे दी गई। इससे नाराज शिकायतकर्ता एवं खरकड़ा गांव के पूर्व सरपंच कुलदीप अहलावत का कहना है कि अब वे अदालत में जाएंगे।
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पूर्व सरपंच ने बताया कि शनिवार सुबह पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पार्क में पहुंचे, जहां 200 से 250 लोग एकत्रित हो गए। लोगों ने बताया कि हुड्डा को अवगत कराया कि प्रशासन ने पार्क के अंदर से सूखे पेड़ों की आड़ में हरे पेड़ काट दिए। दो दिन बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पूर्व मुख्यमंत्री ने नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा को फोन किया, कहा कि मामले में दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। क्योंकि हरे पेड़ काटना गलत है। इसके बाद निगम आयुक्त ने एचएसवीपी प्रशासक के नाते एसडीएम राकेश कुमार की अध्यक्षता में एक जांच टीम गठित की। एसडीएम एचएसवीपी के कार्यकारी अधिकारी भी हैं।

एसडीएम के आगे सफाईकर्मी बोले -खतरनाक ढंग से झुके पेड़ काटे
करीब 11 बजे एसडीएम राकेश कुमार पार्क में पहुंचे। शिकायतकर्ताओं से बातचीत के बाद उन सफाई कर्मियों के बयान भी लिए गए , जो हर रोज सफाई करने पार्क में आते हैं। सफाई कर्मियों ने कहा कि दो सूखे पेड़ों के अलावा वे पेड़ ही काटे गए हैं, तो खतरनाक ढंग से झुके हुए थे।
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शिकायकर्ताकर्ता भड़के, बोले- एसडीएम साहब, जिम्मेदार अधिकारियों को न बचाओ
एसडीएम ने सफाई कर्मियों बात करने के बाद मामले में पार्क में घूमने वाले लोगों से बात की। शिकायकर्ता बोले, सफाईकर्मी दबाव में आ गए हैं। उनसे बयान दर्ज करवाकर जिम्मेदार अधिकारियों को बचाया जा रहा है। अगर प्रशासन निष्पक्ष है तो ये बताए कि बाकी पेड़ कौन से हैं, जो काटने थे। क्योंकि सभी पेड़ दुरुस्त हैं। इसके बाद एसडीएम ने आला अधिकारियों को पूरे मामले से अवगत कराया और चले गए।

मामले की निष्पक्षपता से जांच की गई। सफाईकर्मियों के बयान है कि जो पेड़ काटे गए, वे खतरनाक ढंग से झुक गए थे। ऐसे में किसी अधिकारी का कोई कसूर नहीं है।
राकेश कुमार, एसडीएम और कार्यकारी अधिकारी एचएसवीपी

मामले की एसडीएम को जांच सौंपी गई है, उनकी रिपोर्ट के आधार पर मामले में आगे कार्रवाई होगी। अब सोमवार को ही जांच आगे बढ़ सकेगी।
धीरेंद्र खड़गटा, आयुक्त नगर निगम

प्रशासन अधिकारियों को बचा रहा है, इसलिए ठेके पर लगे कर्मचारियों के बयान दर्ज करवाकर मामले को नया मोड़ दिया जा रहा है। वे अदालत में जाकर इंसाफ मांगेंगे।
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कुलदीप अहलावत, पूर्व सरपंच खरकड़ा और चांद नगर निवासी
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