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Father's Day: स्कूटर उठाया और बेटी के लिए बल्ले लेने निकल गए मेरठ... पढ़ें कैसे पिता ने बनाया शैफाली को स्टार

Sun, 16 Jun 2024 07:43 PM IST
नवीन दलाल योगेश नारायण दीक्षित, रोहतक (हरियाणा)

सार

पिता की तपस्या और बेटी की मेहनत का रिजल्ट आया। महज 15 साल की उम्र में शैफाली ने भारतीय महिला टी20 क्रिकेट टीम में जगह बना ली। जून, 2021 आते-आते वह महिला क्रिकेट के तीनों फार्मेट में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने वाली सबसे कम उम्र की खिलाड़ी बन गई।
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शैफाली वर्मा परिवार के साथ। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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करीब 10 बरस पहले की बात है। 10 साल की बिटिया शैफाली वर्मा रोहतक के वैश्य शिक्षण संस्थान के मैदान में अल सुबह क्रिकेट की प्रैक्टिस कर रही थी। उसके पिता खुद मैदान पर खड़े होकर बारीकियां समझा रहे थे। प्रैक्टिस खत्म हुई तो बच्ची ने खराब हो गया बल्ला दिखाता हुए कहा, पापा इस बल्ले से गेंद कैसे बाउंड्री के पार जाएगी।

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खुद क्रिकेटर रहे पापा ने बेटी के आंखों के सपने पढ़ लिए। रोहतक की दुकानों में ब्रांडेड और क्वालिटी का बल्ला नहीं मिला तो उन्होंने स्कूटर का मुंह मेरठ की ओर मोड़ दिया। शाम को वह जब घर लौटे तो उनके हाथ में ब्रांडेड छह बल्ले थे। पापा से मिले उन बल्लों से शुरू हुई शैफाली की उड़ान आज भारतीय महिला क्रिकेट के आसमान पर रिकाॅर्ड के कीर्तिमान बना रही है।

बेटी को चमकता सितारा बनाने के लिए लगातार तपस्या करने वाले यह पिता हैं संजीव वर्मा। रोहतक की सुनार गली में सराफा का काम करने वाले संजीव जब बेटी की सफलता की कहानी बताते हैं तो कई बार भावुक हो जाते हैं। वह खुद अच्छे क्रिकेटर रहे। लेकिन, मौका नहीं मिला। बेटी के सपने के संग खुद को जोड़ा तब रोहतक में लड़कियों के लिए अलग से प्रैक्टिस की सुविधा नहीं थी।
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लड़कों के संग प्रैक्टिस कराने के लिए बच्ची के बाल बाॅयकट करवाने पड़े। रोज सुबह खुद शैफाली को लेकर मैदान पर जाते। प्रैक्टिस और ट्रेनिंग के बाद बेटी को कमजोरियां दूर करने और बेहतर खेल की बारीकियां बताते। उन्होंने बेटी को सचिन तेंदुलकर का स्टाइल दिखाया तो बेटी ने मास्टर ब्लास्टर को आदर्श मानकर प्रैक्टिस का तरीका सुधारा।

पिता की तपस्या का फल
पिता की तपस्या और बेटी की मेहनत का रिजल्ट आया। महज 15 साल की उम्र में शैफाली ने भारतीय महिला टी20 क्रिकेट टीम में जगह बना ली। जून, 2021 आते-आते वह महिला क्रिकेट के तीनों फार्मेट में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने वाली सबसे कम उम्र की खिलाड़ी बन गई। अक्तूबर 2022 में टी20 क्रिकेट में 1000 रन पूरे करने वाली वह सबसे युवा खिलाड़ी बन गई। साल 2023 में उसकी कप्तानी में भारत ने अंडर-19 महिला विश्व कप (टी20) जीता। साल 2023 में डब्ल्यूपीएल में उसे दिल्ली कैपिटल्स ने 2 करोड़ की बोली लगाकर टीम में शामिल किया। महिला क्रिकेट के ओलंपिक मुकाबले में पहला अर्धशतक बनाने का रिकॉर्ड भी शैफाली के नाम है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाकर शैफाली ने अपने आदर्श मास्टर ब्लास्टर का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया।

प्रतिक्रिया
शैफाली को परिवार से बहुत लगाव है। इतना नाम कमाने के बाद भी वह हर बड़े मैच से पहले फोन पर जिद करती है कि उसका प्रदर्शन देखने के लिए मैं स्टेडियम में मौजूद रहूं। जहां तक संभव होता है मैं उसके मैच देखने जाता हूं। मैच के बाद उसे सुझाव भी देता हूं। शैफाली जैसी बेटी का पिता होना मैं सौभाग्य मानता हूं। -संजीव वर्मा, रोहतक

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