मौके पर जांच करतीं बाल विवाह निषेध अधिकारी करमिंद्र कौर।
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हरियाणा के रोहतक के महम खंड के एक गांव में शुक्रवार को पुलिस और प्रशासन की टीम ने नाबालिग दुल्हन की शादी रुकवा दी। लड़की को बालिग होने में अभी 14 दिन बाकी थे। परिजनों ने प्रशासन को लिखकर दिया कि वे बेटी के बालिग होने पर ही शादी कराएंगे। इसके बाद जींद से आई बरात वापस लौट गई।
बाल विवाह निषेध अधिकारी करविंद्र कौर ने बताया कि शुक्रवार को सूचना मिली कि महम चौबीसी के एक गांव में नाबालिग लड़की की शादी कराई जा रही है। लड़की की उम्र 18 साल पूरे होने में अभी 14 दिन कम है। दूसरी तरफ जींद से बरात आ चुकी है और फेरे की तैयारियां चल रही है। सूचना पर लाखनमाजरा थाना पुलिस व प्रशासन की टीम गांव में पहुंची।
पुलिस ने गांव के सरपंच को मौके पर बुलाया। बाल विवाह निषेध अधिकारी करविंद्र कौर ने लड़की से बात की। लड़की ने बताया कि उसकी मर्जी से शादी हो रही है। उसने लड़के को देखा है। जब लड़की के शैक्षणिक रिकाॅर्ड की जांच की गई तो वह 18 साल की उम्र पूरे करने से 14 दिन कम मिली। इस पर पुलिस ने तुरंत प्रभाव से शादी रुकवा दी।
नाबालिग की शादी को नहीं मिलेगी कानूनी मान्यता
करमिंद्र कौर ने दुल्हन व दूल्हे के परिजनों को बताया कि सरकार ने बाल विवाह निषेध कानून को सख्त कर दिया है। लड़की की 18 साल से कम व लड़के की 21 से साल से कम उम्र में शादी की जाती है तो ऐसे विवाह को कानूनी मान्यता नहीं मिलेगी। माता-पिता और सहयोगी लोगों के खिलाफ केस दर्ज होगा। पॉक्सो एक्ट भी लगेगा। इसके बाद परिजन शादी रोकने के लिए मान गए। बरात वापस लौट गई।