हरियाणा के रोहतक में इनेलो नेता अभय चौटाला ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भाजपा से मिलीभगत करके कांग्रेस को खत्म करने का प्लान बना रखा है। ऐसे में कांग्रेस के एक-एक वरिष्ठ नेता पार्टी छोड़ रहे हैं। लोकसभा चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के खिलाफ करनाल में कमजोर प्रत्याशी उतरना और अब राज्यसभा के सदस्य के चुनाव में प्रत्याशी खड़ा न करने की घोषणा करना इसका स्पष्ट उदाहरण है।
किरण चौधरी के बाद अब कांग्रेस के कुलदीप शर्मा, कैप्टन अजय यादव व करण सिंह दलाल के नाम की चर्चा चल रही है। अभय चौटाला शुक्रवार को रोहतक पहुंचे और रुपया चौक पर पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं की बैठक ली।
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अभय चौटाला ने कहा कि लोकसभा चुनाव के अलग मुद्दे होते हैं, जबकि विधानसभा चुनाव के अलग होते हैं। लोकसभा चुनाव के परिणामों का विधानसभा चुनाव में कोई असर नहीं पड़ेगा। दावा किया कि अगली सरकार इनेलो की बनेगी।
साथ ही चौटाला ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे दिन रात मेहनत करें और पार्टी की नीतियों को लोगों तक पहुंचाएं। बैठक के बाद मीडिया से रूबरू होते हुए इनेलो प्रधान महासचिव अभय सिंह चौटाला ने पूर्व सीएम भूपेन्द्र सिंह हुड्डा पर निशाना साधा। कहा कि भाजपा के साथ मिलीभगत कर हुड्डा कांग्रेस को कमजोर करने में लगे हुए हैं।
उन्होंने कहा कि राव इंद्रजीत, अशोक तंवर, अरविंद शर्मा, कुलदीप बिश्नोई सहित वरिष्ठ नेताओं को इतना मजबूर किया गया कि उन्हें कांग्रेस छोड़नी पड़ी। अब यहीं हाल किरण चौधरी व उसकी बेटी श्रुति चौधरी का किया गया, जिसके चलते उन्हें कांग्रेस को अलविदा कहना पड़ा।
चौटाला ने कहा कि यह बात साफ है कि ईडी व सीबीआई के डर से पूर्व सीएम हुड्डा जेल जाने के भय के कारण भाजपा के इशारे पर काम कर रहे हैं। जजपा को लेकर अभय चौटाला ने कहा कि जिस पार्टी का वजूद ही नहीं बचा, इस बारे में किसी तरह की बात करना ठीक नहीं है। साथ ही उन्होंने दावा किया प्रदेश में अगली सरकार इनेलो की बनेगी।
इस अवसर पर इनेलो प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा ने कहा कि कांग्रेस व भाजपा के कुशासन को प्रदेश की जनता अब बर्दाश्त नहीं करेगी। इस अवसर पर पूर्व सांसद कैप्टन इन्द्र सिंह, पूर्व विधायक बलवंत मायना, डॉ. नफे सिंह लाहली, कृष्ण कौशिक, रामभगत लाकड़ा, सतीश नांदल रिठाल, विनोद अहलावत, वेद भैराण, ताजबीर शिमली, जयसिंह शिमली, राकेश सहगल, करतार सरपंच, यादराम, पन्नालाल जैन, शीला खैरटी, राजवीर वाल्मीकि, सुनीता नांदल, सुशीला राणा, कृष्णा दलाल, रामकिशन मलिक, जितेन्द्र, जसबीर, सूरज देहराज, सतनारायण, पंकज धनखड़, देवेन्द्र, भोला, राजेश ढाका, मास्टर मुख्तयार सिंह, सुरेन्द्र कन्हेली, सतबीर सहरावत, सतबीर मलिक, ईश्वर सिंह, पप्पू नौनद, बल्लू खेडी साध, संजू कोच, ओमप्रकाश, धारा, राजेश कटवाडा, भीम दलाल, डॉ. देवेन्द्र सांरग, राजपाल भी मौजूद रहे।