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अंदर होगा हर्बल गार्डन का उद्घाटन, बाहर छात्र करेंगे प्रदर्शन

Sun, 07 Aug 2016 02:23 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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स्टेट यूनिवर्सिटी में चल रहा छात्रों का अनिश्चितकालीन धरना जारी - फोटो : amar ujala
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स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफार्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स में छात्रों और यूनिवर्सिटी प्रशासन के बीच चल रहा विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को कैंपस में हर्बल गार्डन का उद्घाटन करने की तैयारी चल रही है। वहीं, धरने पर बैठे छात्रों ने चेतावनी दी है कि वह इस समारोह में शामिल नहीं होंगे। वह मेन गेट के बाहर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
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बता दें कि स्टेट यूनिवर्सिटी में पिछले कई दिनों से छात्र अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। धरने को खत्म कराने के लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन के पास ठोस योजना नहीं है। प्रशासन और छात्रों के बीच टकराव के माहौल में सोमवार को विवि के कैंपस में हर्बल गार्डन उद्घाटन किया जाना है। इसमें मुख्य अतिथि राज्यमंत्री मनीष ग्रोवर को बुलाया गया है। शनिवार को जैसे ही छात्रों को कैंपस में उद्घाटन समारोह का पता चला तो उन्होंने चेतावनी दी कि समारोह में कोई भी छात्र शामिल नहीं होगा। छात्रों ने कहा कि वह कैंपस में घुसकर माहौल खराब नहीं करेंगे, लेकिन यूनिवर्सिटी गेट के बाहर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।

छात्रों की मांगें सही नहीं : विवि प्रशासन

छात्रों के धरने के बाद शनिवार को यूनिवर्सिटी प्रशासन ने फिर अपना पक्ष रखा। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने तर्क दिया कि फिल्म एंड टीवी के छात्र हमेशा अवहेलना वाला व्यवहार कर रहे हैं। जब भी छात्रों को अनुशासन में रहने के लिए कहा जाता है, वे धरना-प्रदर्शन शुरू कर देते हैं। फिल्म एंड टीवी डिपार्टमेंट के छात्र लैब से लाखों रुपये का सामान प्रैक्टिकल के लिए लेकर जाते हैं, लेकिन कई-कई साल बीतने के बाद भी सामान जमा नहीं कराया। एक छात्र ने 2012 से करीब डेढ़ लाख रुपये का सामान ले रखा है। सामान वापस मांगने पर यूनिवर्सिटी प्रशासन पर दबाव बनाते हैं। छात्रों को पढ़ाने के लिए फैकल्टी बुलाई जाती है तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है। कुछ समय पहले फिल्म मेकर और फिल्म लेखक इंद्रनिल कश्यप को डिग्री फिल्म बनवाने के लिए बुलाया गया, लेकिन छात्रों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। छात्रों का तर्क रहता है कि वह बड़े फिल्म मेकर अनुराग कश्यप और मधुर भंडारकर आदि हस्तियों के साथ पढ़ाई करेंगे। छात्रों की कैमरे की मांग नाजायज है। यूनिवर्सिटी के पास कैमरे हैं, जिससे फिल्म बनाई जा सकती है, लेकिन छात्र उच्च क्वालिटी के महंगे कैमरे मांगते हैं, जो गलत है। कुछ फैकल्टी छात्रों को यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ भड़का रहे हैं।
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