मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने एसडीएम कार्यालय में छापा मारकर वाहन रजिस्ट्रेशन के नाम पर चल रहे फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। साथ ही आर्य नगर थाने में क्लर्क व तीन कार मालिकों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। हालांकि एसडीएम का कहना है कि तीन गाड़ियों का पंजीकरण उनके कार्यकाल से पहले के हैं।
पुलिस के मुताबिक मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के इंस्पेक्टर सतपाल सिंह ने दी शिकायत में बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली कि दूसरे राज्यों से कार लाकर रोहतक के एसडीएम ऑफिस में फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए गए हैं। एक गिरोह फाइनेंस या चोरी की गाड़ियों का कार्यालय के कर्मचारियों के साथ मिलकर गलत तरीके से नया पंजीकरण करवा रहा है। टीम एसडीएम कार्यालय पहुंची और तीन गाड़ियों के नंबर व मालिकों का ब्योरा दिया। तीनों फाइलों का रिकॉर्ड एसडीएम ने निकलवाया। पता चला कि तीनों गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन जनवरी, फरवरी व मार्च 2018 में हुआ है। टीम ने एसडीएम की मौजूदगी में मोटर रजिस्ट्रेशन लिपिक से पूछताछ की।
स्टार लगाकर छुपाया गया पुराना रजिस्ट्रेशन नंबर
पुलिस को दी शिकायत में बताया गया है कि तीनों वाहनों का वाहन सॉफ्टवेयर से पूरा रिकॉर्ड निकलवाया गया। तीनों गाड़ियों का पुराना नंबर मिला। साथ ही फीस डिटेल में चेसिस नंबर में (*) लगाया हुआ है। एक अलग अंक (*) स्टार जोड़ने से ऑनलाइन सॉफ्टवेयर में पुराने असली चेसिस नंबर पकड़ में नहीं आ पाते हैं। इससे रजिस्ट्रेशन वैध लगता है। साथ ही तीनों गाड़ियों की एनओसी भी नहीं ली गई। फाइल पर गाड़ियों के इंजन व चेसिस नंबर की ट्रेसिंग नहीं की गई है। साथ ही कार मालिकों के पता का सत्यापन नहीं करवाया गया। अवैध रजिस्ट्रेशन करके गाड़ियों की दूसरे जिलों के लिए एनओसी जारी कर दी गई।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम आई थी। तीन गाड़ियों का रिकॉर्ड निकलवाया गया। तीनों का पंजीकरण मेरे कार्यकाल से पहले जनवरी, फरवरी व मार्च 2018 में हुआ था। कार्यालय जांच में पूरा सहयोग करेगा।
- राकेश कुमार, एसडीएम, रोहतक