सशंकित कोरोना की तीसरी लहर की आहट के बाद भी लोग नहीं चेत रहे हैं। पीजीआई और सामान्य अस्पताल समेत पांच चिकित्सकों के संक्रमित होने के बावजूद लोग बेपरवाह नजर आ रहे हैं। अस्पताल में सोमवार को ज्यादातर डॉक्टर, कर्मचारी व मरीज बिना मास्क के नजर आए। वहीं, इन चिकित्सकों के एक समारोह में संक्रमित होने की भी चर्चा जोरों पर रही। यही नहीं, इन संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों की पहचान करना भी स्वास्थ्य विभाग के लिए मुश्किल हो गया है।
अमर उजाला ने सोमवार को सिविल अस्पताल की व्यवस्था की जानकारी ली। इस दौरान यहां ज्यादातर लोग बिना मास्क नजर आए। भीड़ में एक-दूसरे से सटे लोग ही नहीं, अस्पताल के कई डॉक्टर व कर्मचारी भी बिना मास्क दिखाई दिए। यह हाल भी तब है, जब दो दिन पहले ही अस्पताल के चार चिकित्सकों की रिपोर्ट संक्रमित पाई गई है। चर्चा है कि ये चिकित्सक शहर के एक क्लब में दिवाली मिलन समारोह में गए थे। यहां अनेक वरिष्ठ चिकित्सक भी मौजूद रहे। अब विभाग के लिए संक्रमित हुए चिकित्सकों की कॉन्टैक्ट हिस्ट्री देना व इनके संपर्क में आए लोगों की पहचान करना मुश्किल हो गया है। ऐसे में सशंकित मरीजों को एकांतवास में रखना भी बड़ी परेशानी है। यह स्थिति संक्रमण फैलाने के खतरे की ओर साफ इशारा कर रही है।
संक्रमितों से परिवार व मरीजों को खतरा
सिविल अस्पताल के संक्रमित चिकित्सकों के संपर्क में त्योहार पर अनेक लोग आए। इनमें सबसे अधिक नजदीक उनके अपने परिवार के सदस्य हैं। इसके बाद मरीज, दोस्त व दूध, सिगरेट या अन्य सामान बेचने वाले लोग हैं। इनसे संपर्क होने के तीन से चार दिन बाद संक्रमण का असर नजर आने का अंदेशा है।
क्लब कर्मचारियों की सैंपलिंग जरूरी
शहर के एक क्लब में डॉक्टरों के संक्रमित होने से कई और लोगों में संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। इसकी वजह से जिस क्लब में समारोह हुआ, वहां खाने-पीने का सामान परोसने व मेहमानों की स्वागत करने वाले लोगों की मौजूदगी रही। इन लोगों के चिकित्सकों के संपर्क आने से इनकार नहीं किया जा सकता है। यही नहीं, क्लब के इन कर्मचारियों ने अपने घर जाकर परिवार से अलग एकांतवास में रहना शुरू नहीं किया होगा। ऐसे में अनेक लोगों के बीमार होने का अंदेशा बढ़ गया है।
किसी में नजर नहीं आ रहा लक्षण
सिविल अस्पताल प्रशासन का दावा है कि चिकित्सकों के संक्रमित होने की सूचना मिलते ही पूरे स्टाफ की कोरोना जांच करा दी गई है। इन 120 कर्मचारियों की जांच रिपोर्ट निगेटिव पाई गई है। यही नहीं, किसी भी कर्मचारी में महामारी के लक्षण नजर नहीं आए हैं। इसलिए किसी को एकांतवास में रखने की जरूरत नहीं पड़ी। संक्रमित चिकित्सकों को पहले ही अलग कर दिया गया है। इनकी हालत भी गंभीर नहीं है।
विभाग ने 919 के लिए सैंपल
जिले में कोरोना का सोमवार को नया केस सामने नहीं आया है। फिलहाल सात सक्रिय मरीज घरों में एकांतवास में उपचाराधीन हैं। स्वास्थ्य विभाग ने 919 लोगों के सैंपल लिए हैं, जबकि 403 को अपनी रिपोर्ट का इंतजार है। जिले में संक्रमण दर 4.68 प्रतिशत व ठीक होने की दर 97.71 प्रतिशत है।
5980 को लगाई वैक्सीन
स्वास्थ्य विभाग का जनता को कोरोना से सुरक्षा चक्र प्रदान करने के लिए टीकाकरण अभियान जारी है। इसके तहत सोमवार को 5980 लोगों को वैक्सीन लगाई गई। इसमें 2000 लोगों को पहली व 3980 को दूसरी डोज दी गई।
अस्पताल के संक्रमित हुए चिकित्सक अपने घरों में एकांतवास में रखे गए हैं। अस्पताल के स्टाफ की जांच करा दी गई है। इनकी रिपोर्ट निगेटिव पाई गई है। किसी भी कर्मचारी में महामारी के लक्षण नहीं होने के कारण उन्हें एकांतवास में नहीं रखा गया है। बढ़ते मरीजों की संख्या को देखते हुए कंटेनमेंट जोन बनाए जाने की आवश्यकता बनने लगी है। इस संबंध में प्रशासन से अपील की जाएगी।
-डॉ. जेएस पूनिया, सिविल सर्जन