किसानों के दिल्ली चलो मार्च को लेकर हरियाणा अलर्ट पर है। पंजाब की ओर से किसान चल चुके हैं, वहीं हरियाणा में भी किसान कहीं कहीं पर सड़कों पर आने लगे हैं।
किसानों के दिल्ली मार्च को लेकर जहां हरियाणा में पुलिस प्रशासन की ओर से पंजाब हरियाणा सीमाएं सील की गई है वहीं हरियाणा में भी कुछ किसान एकत्रित होना शुरू हो गए हैं। सिरसा के पंजुआना तो रोहतक के जींद रोड पर किसान इकट्ठे हुए हैं।
विज्ञापन
सिरसा के पंजुआना में एकत्रित हुए किसान
पंजुआना में लगाए गए नाके पर सिरसा के करीब 200 किसान एकत्रित हुए हैं। इस दौरान किसान नेता लखविंद्र सिंह औलख ने कहा है कि पंजाब क्षेत्र के किसान पंजाब के खनौरी से दिल्ली कूच के लिए रवाना हो चुके हैं। सिरसा से सिर्फ जिले के किसान ही रवाना होंगे। पंजाब के किसान सिरसा में नहीं आएंगे। किसान नेता ने कहा कि वो शांतिपूर्वक दिल्ली जाना चाहते हैं। किसी प्रकार की कोई धक्का मुक्की नहीं की जाएगी। पहले भी किसान आंदोलन के दौरान किसानों ने अपने भाइयों को खोया है। इस बार ऐसा नहीं होगा। जिला प्रशासन से अपील है कि किसानों के साथ किसी प्रकार की कोई जबरदस्ती न की जाए।
रोहतक में जींद रोड पर आए स्थानीय किसान, पुलिस से बातचीत जारी
रोहतक-जींद रोड पर नाके से पहले स्थानीय किसान एकत्रित होने लगे हैं। टिटौली नाके पास कुंडू खाप के प्रधान जयबीर कुंडू की अध्यक्षता में मीटिंग हो रही है। 40 से 50 किसान सात ट्रैक्टर-ट्रालियों में पहुंचे हैं। फिलहाल शांतिपूर्ण ढंग से सड़क किनारे बैठे हैं। टिटौली चौकी प्रभारी एसआई सुरेश कुमार उनसे बातचीत कर रहे हैं।
विज्ञापन
जींद रोड अभी बंद नहीं, हालत पर नजर रख रही पुलिस
पंजाब के किसानों ने दिल्ली कूच का प्रयास शुरू कर दिया है। पुलिस भी ड्रोन के माध्यम से आंसू गैस के गोले छोड़ रही है। इसका असर स्थानीय स्तर पर भी होने लगा है। ब्राह्मणवास गांव के नजदीक गोहाना रोड व टिटौली में किसान मीटिंग कर रहे हैं। उनका कहना है कि हालात पर नजर बनाए हुए हैं। जल्द हालात को देखकर निर्णय लेंगे। उधर, जींद जिले की सीमा पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है। जींद की तरफ से आने वाला मार्ग पूरी तरह बंद है। जबकि रोहतक से जींद जा रहे रास्ते खुला रखा गया है, ताकि स्थानीय स्तर पर वाहनों का आवागमन होता रहे।
भारी संख्या में अर्धसैनिक बल व पुलिस की टीमें तैनात हैं। अगर पंजाब के किसान जींद के पंजाब से लगते खनौरी बार्डर को क्रास करने में कामयाब रहे तो लाखनमाजरा के पास रोड को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। ताकि किसानों को दिल्ली की तरफ न बढ़ने दिया जाए।