एमएसपी की मांग को लेकर बॉर्डरों पर पहुंचे पंजाब के किसानों के हरियाणा में प्रवेश से पहले ही हरियाणा आंदोलन की चपेट में आ गया है। बार्डर रास्ते सील करने और यातायात को डाइवर्ट किए जाने के चलते प्रदेश के कई जिलों में जाम के हालात बन गए हैं।
जीटी रोड पर आवाजाही चंडीगढ़ से अंबाला तक बंद कर दी गई है, जबकि आगे भी वाहनों की आवाजाही आधी रह गई है। टोल प्लाजाओं पर भी टैक्स कलेक्शन आधी रह गई है। माल वाहक चार हजार ट्रक प्रदेश के अलग अलग रास्तों पर जाम में फंस गए हैं। इसके साथ ही हरियाणा रोडवेज की 20 प्रतिशत बसों के पहिये थम गए हैं।
इससे रोडवेज को प्रतिदिन 20 से 25 लाख रुपये का राजस्व नुकसान हो रहा है। वहीं, सबसे अधिक असर उद्योगों पर पड़ रहा है। नेट बंद होने के चलते न तो बिल काटे जा रहे हैं और जाम होने के चलते न ही कच्चा माल मिल रहा है और न ही आर्डर भेजे जा पा रहे हैं। अनुमान है कि हरियाणा में मात्र दो दिनों में ही 1500 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हो गया है। अगर ये आंदोलन लंबा चला तो नुकसान का आंकड़ा और पार जाएगा।
अभी तक आंदोलन का सबसे अधिक असर अंबाला, यमुनानगर, कैथल, सिरसा, सोनीपत जिलों में पड़ रहा है। साइंस सिटी के नाम से मशहूर अंबाला में बड़े वाहनों की आवाजाही लगभग बंद हो चुकी है। इससे फैक्टि्रयों को कच्चा माल मिलना मुशिकल हो गया है।
इसके अलावा, यमुनानगर में बर्तन कारोबार पर भी असर पड़ा है। वहीं, बाहरी राज्यों से आने वाले माल वाहक वाहन बॉर्डरों पर ही फंस गए हैं। अगर कई दिन और बार्डर सील रहे तो सोनीपत समेत अन्य जिलों में स्थित औद्योगिक इकाइयों पर असर पड़ना तय है।
रोडवेज के अधिकारियों की आज बैठक, होगी समीक्षा
किसानों के दिल्ली कूच आह्वान के बाद से सप्ताह पहले से पंजाब में हरियाणा रोडवेज की बसों को बंद कर दिया गया है। इसके अलावा, हरियाणा में खासकर जीटी रोड और 152 पर बसें नहीं चल रही हैं। अभी पंचकूला से सहारनपुर रास्ते से बसों को निकाला जा रहा है, लेकिन हालात को देखते हुए बसों की संख्या कम कर दी गई है। अन्य रूटों पर बसों के चलाने को लेकर बुधवार को विभागीय अधिकारियों की बैठक होगी। बैठक के बाद ही आगामी फैसला लिया जाएगा। रोडवेज बेड़े में 3143 बसें हैं। ये बसें रोजाना 8.88 लाख किलोमीटर सफर करती हैं और 5 लाख से अधिक इनमें सफर करते हैं। सालाना रोडवेज को किराये से करीब एक हजार करोड़ रुपये की आय होती है और औसतन हर रोज तीन करोड़ रुपये की आय होती है।
जीटी रोड पर दप्पड़ और घरौंडा की आय घटी
जीटी रोड पर दप्पड़ टोल और करनाल के घरौंडा के पास टोल प्लाजा हैं। यहां पर औसतन सालाना 100-100 करोड़ रुपये की आमदन होती है। ऐसे में औसतन रोजाना 27-27 लाख रुपये टैक्स से एकत्रित होते हैं। अंबाला तक जीटी रोड बंद होने के चलते दप्पड़ टोल पर वाहन नहीं पहुंच पा रहे हैं। वहीं, करनाल से भी यातायात डाइवर्ट किया गया है और यहां पर भी वाहनों की संख्या आधी रह गई है। जीटी रोड पर आम दिनों में 80 हजार वाहनों की रोजाना आवाजाही होती है।
अरबों रुपये का व्यापार प्रभावित : बजरंग गर्ग
चंडीगढ़। हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने कहा कि हरियाणा, पंजाब, दिल्ली व यूपी आदि राज्यों की सीमाओं को सील करने से व्यापारी व उद्योगपतियों को अरबों रुपए का नुकसान हो रहा है। यहां तक की 4000 से ज्यादा ट्रक माल के भरे हुए सड़कों पर खड़े हैं। सरकार द्वारा इंटरनेट सेवाएं बंद करने से ऑनलाइन ट्रेडिंग, ऑनलाइन बिलिंग, ऑनलाइन बैंकिंग ना हो पाने के कारण व्यापार व अन्य कार्य पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। सरकार को चाहिए कि वह किसानों की मांगों को माने और रास्तों को खोले, ताकि दोबारा से हरियाणा के उद्योग धंधे प्रभावित न हो सकें।