पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (पीजीआईएमएस) में जल्द ही 120 बेड मरीजों के लिए बढ़ने जा रहे हैं। इससे प्रदेश भर के अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान व दिल्ली से आने वाले मरीजों को लाभ मिलेगा। नेशनल मेडिकल कमिशन की गाइडलाइन के अनुसार मेडिसिन, सर्जरी, ईएनटी व गाइनी विभाग को एक-एक यूनिट बढ़ानी होगी। चारों विभागों में 30-30 बेड बढ़ना मरीजों के लिए वरदान होगा।
फिलहाल संस्थान में बेडों की संख्या 2200 के करीब
संस्थान के मेडिसिन विभाग में सात, सर्जरी में सात, ईएनटी में एक व गाइनी विभाग में चार यूनिट हैं। सभी यूनिटों में 30-30 बेड हैं। हर यूनिट की अलग-अलग दिन आपातकालीन ड्यूटी होती है। यहां ओपीडी व आपातकालीन विभाग से मरीजों की भर्ती होती है।
एक-एक यूनिट बढ़ने से डॉक्टरों को रोजाना 120 मरीज अतिरिक्त दाखिल करने में आसानी होगी। यह कार्रवाई संस्थान को नेशनल मेडिकल कमिशन की गाइडलाइन को पूरा करने के लिए करनी होगी। गौरतलब है कि फिलहाल संस्थान में बेडों की संख्या 2200 के करीब हैं।
एमबीबीएस की 250 सीटों के लिए बढ़ानी होगी यूनिट
संस्थान को नेशनल मडिकल कमिशन की शर्तों को मानते हुए 250 बेड के लिए चार यूनिट और बढ़ानी होंगी। इससे संस्थान में स्टाफ, डॉक्टर, बेड की संख्या बढ़ानी होगी। इन सीटों के बढ़ने से एमडी की सीट की बढ़ेगी, इसका लाभ मरीजों के साथ मेडिकल शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थियों को भी मिलेगा।
संस्थान में वर्तमान स्थिति
विभाग वार्ड संख्या यूनिट बेडों की संख्या
मेडिसिन 3,9,10 7 210
सर्जरी 4,5,6 7 210
ईएनटी 8, 1, 30
गाइनी 2 व एमसीएच 4 120
डॉ. शमशेर सिंह लोहचब, निदेशक, पीजीआईएमएस
हमने संबंधित विभागों के एचओडी को पत्र भेजा है और एक-एक यूनिट बढ़ाने को कहा है। इसके लिए उनकी इंफ्रास्ट्रक्चर, मैनपावर आदि की डिमांड मांगी है। इसे फिर सरकार के पास बजट मंजूरी के लिए भेज दिया जाएगा। मंजूरी मिलते ही चारों यूनिट को बढ़ा दिया जाएगा।