संवाद न्यूज एजेंसी
बहादुरगढ़। गुरुग्राम और नूंह जिलों में बिजली वितरण के लिए निजी कंपनी को समानांतर लाइसेंस देने के विरोध में बिजली कर्मचारियों ने बुधवार को प्रदर्शन किया। बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर बहादुरगढ़ बिजली विभाग में कर्मचारियों ने हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग की ओर से इलेवन पावर प्राइवेट कंपनी लिमिटेड को दिए गए समानांतर लाइसेंस की प्रतियां जलाकर रोष जताया।
प्रदर्शन की संयुक्त अध्यक्षता सब यूनिट प्रधान भूपेंद्र ने की, जबकि मंच संचालन सब यूनिट सचिव ललित ने किया। इस दौरान संयुक्त मोर्चा के वरिष्ठ नेता रविंद्र दलाल, बिजेंद्र फोगाट, सुमित देसवाल और उमेश ने कहा कि मोर्चा किसी भी कीमत पर बिजली का निजीकरण नहीं होने देगा।
निजीकरण का सीधा असर आम उपभोक्ताओं, किसानों और बिजली कर्मचारियों पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के कर्मचारियों व उपभोक्ताओं के विरोध के बावजूद सरकार बिजली क्षेत्र के निजीकरण की दिशा में कदम उठा रही है। इससे आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ने और कर्मचारियों के हित प्रभावित होने की आशंका है।
संयुक्त संघर्ष मोर्चा के नेताओं ने बताया कि निजीकरण के विरोध में 22, 23 और 24 अक्तूबर को प्रदेशभर के बिजली कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। यदि सरकार इसके बावजूद निजीकरण की प्रक्रिया बंद नहीं करती है तो हड़ताल को आगे भी बढ़ाया जा सकता है। प्रदर्शन में सैकड़ों बिजली कर्मचारियों ने भाग लिया और निजी कंपनी को दिए गए लाइसेंस का विरोध करते हुए सरकार से इस फैसले को वापस लेने की मांग की।