रोहतक। राजीव गांधी विद्युत भवन में शनिवार को एचएसईबी वर्कर्स यूनियन के सर्कल कार्यकारिणी की बैठक हुई। बिजली निगम की ओर से स्थापना ब्रांच को पंचकूला शिफ्ट करने के आदेशों के खिलाफ कर्मचारियों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
सर्कल सचिव देबीराम ने बताया कि मैनेजमेंट द्वारा विभागीय मल्टीफंक्शनल ट्रक मंगवा कर रिकॉर्ड को जबरदस्ती लोड करके पंचकूला कार्यालय में भेजने की कोशिश की गई। लेकिन कर्मचारियों के विरोध के कारण इसको रोका गया। इसमें रोहतक जोन के चेयरमैन वीरेंद्र सिंह नारा द्वारा मुख्य अभियंता कार्यालय रोहतक को पहले ही नोटिस दिया जा चुका है और राज्य महासचिव द्वारा भी प्रबंधक निदेशक को नोटिस दे रखा है। इसके बावजूद मैनेजमेंट द्वारा किसी भी स्तर यूनियन को बुलाकर कोई बातचीत नहीं की गई। बल्कि उल्टा निगम मैनेजमेंट ने बातचीत न करके तानाशाही रवैया अपनाते हुए इस कार्यालय की स्थापना ब्रांच को जबरदस्ती पंचकूला स्थानांतरित करने के आदेश कर दिए।
उन्होंने कहा कि उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम में दस सर्कल कार्यालय है और दो मुख्य अभियंता कार्यालय हैं। दस अधीक्षक अभियंता सर्कल कार्यालय और दो मुख्य अभियंता कार्यालय होने के बावजूद भी कर्मचारियों के काम समय पर नहीं किए जाते। नई व्यवस्था के तहत कर्मचारियों को कोई भी काम करवाने के लिए पंचकूला जाना पड़ेगा। इससे उन पर अनावश्यक आर्थिक बोझ भी बढ़ेगा।
इस अवसर पर सह सचिव प्रेम सिंह फोरमैन, उप मुख्य संगठनकर्ता हंस कुमार बेनीवाल, सिटी यूनिट के सचिव संदीप गोयत, सब अर्बन नंबर 1 यूनिट के सचिव बबलू राठी, सब अर्बन नंबर दो यूनिट के प्रधान सरवन कुमार तथा सचिव शमशेर राठी, जितेंद्र, प्रमोद कुमार, सुनील कुमार आदि मौजूद रहे।
समाधान नहीं हुआ तो प्रदेश स्तर पर होगा विरोध-प्रदर्शन
केंद्रीय परिषद के वार्ता समिति के सदस्य वीरेंद्र सिंह नारा ने कहा कि रोहतक मुख्य अभियंता कार्यालय की स्थापना ब्रांच को किसी भी कीमत पर पंचकूला स्थानांतरित नहीं करने दिया जाएगा। अगर प्रदेश में भी इसका विरोध करने की जरूरत पड़ी तो प्रदेश स्तर पर विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा।