रोहतक। नगर निगम की ओर से होने वाले विकास कार्य ठप हो गए हैं। शहर में जगह-जगह सीवर ओवरफ्लो हो रहे हैं। इसके साथ ही टूटी सड़कों से आमजन बेहाल है। नगर निगम हाउस की बैठक ठीक 30 दिन पहले हुई थी, जिसमें पास 272 प्रस्ताव अब तक फाइलों से बाहर नहीं आ सकें। ऊपर से नया निगम आयुक्त मिला नहीं था, सरकार ने अब दूसरे संयुक्त आयुक्त राकेश सैनी का भी झज्जर एसडीएम के तौर पर तबादला कर दिया है। निगम के कार्यकारी अभियंता का कहना है कि 15 फरवरी के बाद एक करोड़ के टेंडर लगाएंगे।
नगर निगम हाउस का 9 जनवरी को कार्यकाल पूरा हुआ था, जिससे पहले 3 जनवरी को हाउस की आखिरी बैठक हुई थी। बैठक में हाउस ने मुख्यमंत्री दिव्य नगर योजना के तहत शहर में छह पार्क विकसित करने, तीन पावर हाउस के लिए बिजली निगम को जमीन देने, मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना के तहत कन्या स्कूल के पास 41 दुकानों व सड़क चौड़ी करने के लिए जमीन देने, गढ़ी बोहर, खेड़ी साध व बोहर में आंबेडकर भवन बनाने के लिए डॉ. भीमराव आंबेडकर समिति को जमीन देने, नामकरण के प्रस्ताव सब कमेटी की ओर से मंजूरी देने, खटीक समाज के संत गुरु श्रीश्री 1008 दुर्बलनाथ के नाम पर मार्ग बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। मैना पर्यटन केंद्र के पास पर्यटन विभाग से जमीन लेकर बनाने का प्रस्ताव पास हुआ था। अधिकारी व कर्मचारियों के लिए आवास स्थल बनाने व दिल्ली रोड पर विजय द्वार बनाने का प्रस्ताव भी मंजूर किया गया था। अब तक धरातल पर काम शुरू नहीं हो सके हैं।
स्वच्छता सर्वेक्षण में प्रदेश के अंदर रोहतक शहर को मिला था सबसे क्लीन सिटी का दर्जा
एक तरफ स्वच्छता सर्वेक्षण में प्रदेश के अंदर रोहतक शहर को सबसे क्लीन सिटी का दर्जा दिया गया था। दूसरी तरफ धरातल पर हकीकत अलग है। कच्चा बेरी रोड पर शुक्रवार सुबह नाला फिर ओवरफ्लो हो गया, जिसके कारण दूषित पानी सड़क पर फैल गया। राहगीरों का निकलना मुश्किल हो रहा है। पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर दो बार कच्चा बेरी रोड का दौरा कर चुके हैं। इसके बावजूद समस्या बरकरार है।
आधे से ज्यादा सेक्टरों की गलियां टूटी पड़ीं
पूर्व पार्षद कदम सिंह ने बताया कि सेक्टर एक, दो, तीन व 14 की आधी से अधिक सड़कें टूटी हुई हैं। निगम ने 50 लाख रुपये में सड़कों की मरम्मत की थी, लेकिन 70 प्रतिशत सड़कें अब भी टूटी पड़ी हैं। हाउस की बैठक में सेक्टरों की सड़कों की मरम्मत के लिए एक और टेंडर लगाने की बात कही गई थी, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। पांच साल से कम्यूनिटी सेंटर खस्ताहाल है। राजकीय महिला काॅलेज, जाट कॉलेज व सेक्टर 14 व ताऊ देवीलाल पार्क को जोड़ने के लिए प्रस्तावित फुट ओवरब्रिज अब तक नहीं मिल सका है।
आयुक्त के बाद संयुक्त आयुक्त का भी बदला, नया कोई नहीं आया
नगर निगम हाउस का कार्यकाल एक माह पहले पूरा हो चुका है। उसी समय निगम आयुक्त जितेंद्र कुमार का चंडीगढ़ शिक्षा विभाग में तबादला हो गया था। अब शुक्रवार को संयुक्त आयुक्त राकेश सैनी का झज्जर एसडीएम के तौर पर तबादला कर दिया गया। नगर निगम में विकास कार्य जारी है। सड़कों की मरम्मत का एक करोड़ रुपये का टेंडर 15 फरवरी के बाद लगाया जाएगा, साथ ही पहले भी सड़कों की मरम्मत करवाई थी।
- मनदीप धनखड़, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम।