भारतीय महिला हॉकी टीम को 36 साल बाद ओलंपिक का टिकट मिला है तो खिलाड़ी भी जी-जान लगाकर उसे सोने के तगमे में बदलने को लग गई हैं। तैयारियों में कमी न रहे, इसके लिए महिला खिलाड़ियों ने लड़कों की टीम से मैच खेलने शुरू कर दिए हैं। महिला हॉकी टीम लड़कों की टीम से अभी तक चार मैच खेल चुकी है और रियो ओलंपिक के लिए रवानगी तक यह सिलसिला जारी रहेगा।
भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान रही दीपिका ठाकुर ने ओलंपिक की तैयारियों को लेकर अमर उजाला से फोन पर विशेष बातचीत की। दीपिका ने बताया कि बंगलूरू में उनका कैंप जारी है, जहां टीम कई घंटों तक प्रैक्टिस करती है। वहीं उनके मैच बंगलूरू की लड़कों की टीम से कराए जा रहे हैं, जिनमें स्टेट व नेशनल स्तर के खिलाड़ी खेलते हैं। बंगलूरू की पुलिस टीम के साथ भी उनका मैच कराया गया है।
वे अभी तक लड़कों से चार मैच खेल चुकी हैं। दीपिका ने बताया कि हॉकी टीम शनिवार को इंग्लैंड के लिए रवाना होगी। जहां पहला मैच 3 मई को ग्रेट ब्रिटेन ए की टीम से होगा, जबकि बाकी चार मैच ग्रेट ब्रिटेन की टीम से होंगे। इंग्लैंड में खेलने के लिए 21 खिलाड़ियों को टीम जाएगी। उन सभी के प्रदर्शन के आधार पर ओलंपिक की फाइनल टीम तैयार की जानी है। दीपिका बताती हैं कि अभी टीम की कई अच्छी खिलाड़ी चोटिल हैं, लेकिन उनके ओलंपिक से पहले ठीक होने की पूरी उम्मीद है।