नौ साल पहले नाबालिग के अपहरण के केस में रोहतक जिला अदालत ने सोमवार को तीन आरोपियों अशोक, नरेंद्र व प्रदीप को सात-सात कैद और 14 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं भरने पर 14 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
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पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक 2013 में एक व्यक्ति ने सदर थाने में शिकायत दी थी कि उसकी पत्नी किसी काम से बाहर गई हुई थी। उसकी नाबालिग बेटी लापता मिली। शक जताया कि किसी ने उसका अपहरण किया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। दिसंबर में नाबालिग को बरामद कर लिया गया।
साथ ही रोहतक जिले के दो युवकों प्रदीप, अशोक व सोनीपत जिले के नरेंद्र को गिरफ्तार किया गया। तभी से जिला अदालत में केस की सुनवाई चल रही थी। सोमवार को एएसजे नरेश की अदालत ने तीनों आरोपियों को आईपीसी की धारा 363 के तहत दोषी करार देते हुए सात-साल कैद, सात हजार रुपये जुर्माना व जुर्माना न भरने पर सात माह की अतिरिक्त सजा भुगतने का निर्णय दिया। इसी तरह 366 ए में भी सात साल कैद व सात हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।