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Rohtak: राजस्थान पुलिस के फर्जी आईपीएस बनकर आए व्यक्ति को ग्रामीणों ने दबोचा, मांग रहा था तीन लाख

Sat, 04 Nov 2023 05:33 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)

सार

आरोपी 2007 में बर्खास्त हुए लाढ़ोत निवासी ओमप्रकाश को बहाली के नाम पर एसपी बनकर तीन लाख रुपये मांग रहा था। गाड़ी पर राजस्थान सरकार लिखा था। आरोपी के कब्जे से आईपीएस एवं डीएसपी का कार्ड बरामद किया गया है। रणधीर सिंह जयपुर के विजय नगर का रहने वाला है।  
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राजस्थान सरकार लिखी कार, फर्जी आईकार्ड और बैज। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा के रोहतक के लाढ़ोत के ग्रामीणों ने शनिवार को राजस्थान पुलिस का फर्जी एसपी बनकर आए एक 55 वर्षीय व्यक्ति को दबोच लिया। उसके पास एक आईपीएस व डीएसपी का आई कार्ड और फर्जी मोहर भी मिली। इसके साथ ही पुलिस ने राजस्थान सरकार लिखी गाड़ी को भी कब्जे में ले लिया है। विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

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लाढ़ोत गांव निवासी ओमप्रकाश ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह राजस्थान पुलिस में सिपाही था। 2007 में उसे बर्खास्त कर दिया गया था। तब से वह घर पर ही है। शनिवार सुबह एक गाड़ी उसके घर के बाहर आकर रुकी।

गाड़ी से एक सिविल ड्रेस वाला 55 वर्षीय व्यक्ति उतरा और उसके घर आया, जबकि ड्राइवर बाहर खड़ा रह गया। घर के अंदर आए व्यक्ति ने कहा कि वह रणधीर सिंह निवासी झोटवाड़ा, विजय नगर (जयपुर) का रहने वाला है। साथ ही राजस्थान पुलिस में आईपीएस है और एसपी के तौर पर तैनात है।
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उसने कहा कि वह दोबारा उन्हें न केवल नौकरी दिलवा देगा, बल्कि पिछला बकाया भी मिल जाएगा। इस काम के लिए 3 लाख रुपये देने होंगे। ओमप्रकाश के अनुसार, उसे लगा कि एक एसपी यूं किसी के घर में जाकर नौकरी बहाली के लिए पैसे नहीं मांग सकता। इसलिए उसने गांव के सरपंच अजय कुमार व वार्ड पार्षद अशोक कुमार को बुला लिया।

उनकी मौजूदगी में तलाशी ली तो लाल रंग के थैले में एक आईपीएस तो एक डीएसपी के नाम का आई कार्ड, राजस्थान पुलिस की वर्दी, बैल्ट व टोपी मिली। साथ ही वर्दी पर दो स्टार, एक अशोक स्तम्भ तथा आरपीएस लिखा हुआ था। साथ ही नेम प्लेट रणधीर सिंह अधीक्षक लिखी मिली।

राजस्थान पुलिस जयपुर की दो मोहर भी बरामद हुई। जब सख्ती से सवाल किए तो आरोपी जवाब नहीं दे सका। घर के बाहर ब्रिजा गाड़ी के पास खड़े युवक रेवाड़ी जिले के गांव खोल निवासी जावेद खान ने बताया कि आरोपी किराये पर गाड़ी लेकर आया है। उसे नहीं पता यह कौन है। गाड़ी के मालिक ने उसे भेजा है।
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बर्खास्त सिपाही के इन सवालों में उलझ गया फर्जी आईपीएस

  • सवाल : आपक किस बेंच के आईपीएस हैं?
  • जवाब : 2017 बेंच का आईपीएस हूं।
  • सवाल : आपके बेंच में और कौन आईपीएस था ?
  • जवाब : हड़बड़ाते हुए, अभी बताता हूं।
  • सवाल : मुझे कैसे जानते हो ?
  • जवाब : आपका दोस्त, दादरी निवासी संजय सांगवान, मेरी मौसी का लड़का है।
  • सवाल : संजय से कॉल करके पूछा है, वह तो मना कर रहा है?
  • जवाब : माथे पर आया पसीना पोंछते हुए, बोला...क्या-क्या?
  • इसके बाद शिकायतकर्ता ने आरोपी के आई कार्ड की जांच की, जो वह फोटो कॉपी मिला। तुरंत पुलिस, गांव के सरपंच और वार्ड पार्षद को बुलाया।


राजस्थान पुलिस का फर्जी आईपीएस बनकर पहुंचे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। रविवार को अदालत में पेश किया जाएगा। -मुरारीलाल, प्रभारी थाना सदर

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