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चुलियाना रोहज के पूर्व सरपंच की मां ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान

Fri, 17 Jun 2016 02:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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रेलवे ट्रैक पर गिरी दीवार - फोटो : अमर उजाला
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चुलियाना रोहज के पूर्व सरपंच की मां ने बृहस्पतिवार को ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। महिला बेटे और पौत्र के जेल में बंद होने से आहत थी। जीआरपी ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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जानकारी के अनुसार चुलियाना रोहज के पूर्व सरपंच वजीर सिंह के भतीजे ने करीब पांच माह पहले गांव के ही एक युवक की हत्या कर दी थी। आरोपी युवक संदीप जेल में बंद है। इस मामले को लेकर दोनों परिवारों में तनातनी है। गत 10 जून को वजीर सिंह के पड़ोसी ओमपाल के साथ इसी परिवार की कहासुनी हुई तो विवाद हो हवा मिल गई। इसके बाद दोनों पक्षों की ओर से खूब ईंट-पत्थर चले। हवाई फायर भी किए गए। इस विवाद में कई लोग घायल हुए। इसी मामले में वजीर सिंह जेल में भी बंद है। पहले पौत्र संदीप और अब बेटे के जेल में जाने से आहत वजीर सिंह की मां भोली देवी तनाव में रहने लगीं। भोली देवी बृहस्पतिवार को एकाएक घर से निकलीं और चुलियाना फाटक के पास ट्रेन का आगे छलांग लगा दी। वजीर सिंह के परिजनों का आरोप है कि गांव के ही एक परिवार ने उनकी मां का उत्पीड़न किया था। इसी कारण भोली परेशान और तनाव में रहती थी। हालांकि इस मामले में पुलिस ने अभी तक कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की है।

पंखे के हुक से लटका मिला शव

रोहतक। जनता कॉलोनी में बुधवार रात को 35 वर्षीय राम इकबाल ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक मूलरूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के गांव अमेठया का रहने वाला था। वह पिछले करीब पांच साल से जनता कॉलोनी में राजसिंह के मकान में किराये पर रह रहा था और एक फैक्टरी में काम करता था। मंगलवार की शाम को वह खाना खाने के बाद अपने कमरे में सोने चला गया। सुबह होने पर जब वह कमरे से बाहर नहीं आया तो आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने जैसे-तैसे कर दरवाजे को खोला तो देखा कि राम इकबाल के शव लटका है। पुलिस को उसके पास से कोई भी सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। साथ ही, मृतक के परिजनों को मामले की सूचना दी गई है।
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लेनदेन पड़ा जीवन पर भारी

डीएलएफ कॉलोनी निवासी 30 वर्षीय मोनू ने बुधवार दोपहर को संदिग्ध परिस्थितियों में जहरीला पदार्थ निगल लिया। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे पीजीआई में भर्ती कराया जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। इस संबंध में सिविल लाइन थाना पुलिस ने कॉलोनी के ही वीरेंद्र और तिलकराज के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार वीरेंद्र और तिलकराज पर आरोप है कि दोनों पिछले काफी समय से लेनदेन को लेकर मोनू को प्रताड़ित कर रहे थे। इसको लेकर दोनों पक्षों में कई बार झगड़ा भी हुआ। प्रताड़ना से तंग आकर मोनू ने आत्महत्या कर ली।
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