चाणक्यपुरी से पुलिस ने शव को पीजीआई के डेड हाउस में रखवाया है। बुधवार को पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। पत्नी झज्जर के कॉलेज में प्राचार्य, जबकि बेटा बाहर नौकरी करता है।
हरियाणा के रोहतक में शीला बाईपास के नजदीक चाणक्यपुरी कॉलोनी में बीमारी के चलते तनाव में चल रहे सेवानिवृत्त पशु चिकित्सक डॉक्टर वीरेंद्र सिंह (58) ने अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से मंगलवार को कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली। मौके पर मिले सुसाइड नोट में लिखा कि मेरे परिवार का कोई सदस्य मेरी मौत का जिम्मेदार नहीं है। पुलिस ने शव पीजीआई के डेड हाउस में रखवाया है, जिसका बुधवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
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सिविल लाइन थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर हरपाल सिंह ने बताया कि मंगलवार दोपहर बाद सूचना मिली कि चाणक्यपुरी कॉलोनी में गोली लगने से रिटायर डॉक्टर वीरेंद्र की मौत हो गई। पुलिस मौके पर पहुंची। दरवाजा अंदर से बंद था। दरवाजा तोड़कर परिजन व पुलिस अंदर गए।
बेड पर खून से लथपथ शव पड़ा था। नजदीक लाइसेंसी रिवाल्वर पड़ा था। एफएसएल टीम को मौके पर बुलाया गया। जांच में पता चला कि कनपटी पर गोली मारी गई है। मृतक की पत्नी के बयान दर्ज किए गए, जो झज्जर जिले के एक कॉलेज में प्राचार्य है। पुलिस को मृतक की पत्नी ने बताया कि उसका बेटा बाहर गया हुआ है। उसके आने के बाद ही पोस्टमार्टम कराएंगे। इसके बाद शव डेड हाउस में रखवा दिया गया।
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ये लिखा कथित सुसाइड नोट में
मेरी मौत का जिम्मेदार मेरा डिप्रेशन है। मैं कई साल से डिप्रेशन से पीड़ित हूं। अब मैं इससे हार गया हूं। मेरे परिवार का कोई भी सदस्य मेरी मौत का जिम्मेदार नहीं है।
काला पीलिया बीमारी से थे पीड़ित
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में परिजनों ने बताया कि डॉक्टर वीरेंद्र काला पीलिया बीमारी से पीड़ित थे। तीन साल पहले लीवर प्रत्यारोपण कराया था, लेकिन फिर भी बीमारी से परेशान चल रहे थे। इसी तनाव में अपनी जान ले ली।