हरियाणा के रोहतक में पुराने वाहनों के नए सिर से फर्जी कागजात तैयार कर आरटीए कार्यालय में रजिस्ट्रेशन करवाकर 85 लाख रुपये लोन लेने का मामला सामने आया है, जिसमें अब ब्याज सहित 1 करोड़ 18 लाख के करीब राशि हो गई है। वाहन लोन कंपनी के प्रतिनिधि ने आर्य नगर थाने में छह लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज करवाया है। इसमें पांच आरोपी भिवानी व एक आरोपी रोहतक के महम का रहने वाला है।
पुलिस के मुताबिक वाहन के लिए लोन देने वाली निजी कंपनी के प्रतिनिधि योगेश बंसल ने दी शिकायत में बताया कि भिवानी जिले के गांव छांग निवासी सुमित, बरेला निवासी शील कुमार, झज्जर जिले के गांव मिलोधी निवासी गोविंद, भिवानी के लक्ष्मी नगर निवासी रंजन, झांग निवासी प्रवेश व महम निवासी मनदीप ने पुराने वाहनों का नए सिरे से आरटीए कार्यालय से रजिस्ट्रेशन करवाया।
रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र के आधार पर कंपनी से 85 लाख रुपये तक का लोन लिया। जब कंपनी ने जांच करवाई तो वाहनों के मालिक बोले, उन्होंने किसी कंपनी से कोई लोन नहीं लिया। ऐसे में क्यों किस्त जमा करवाएं। अब ब्याज सहित राशि एक करोड़ 18 लाख के करीब हो गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
वाहनों का लोन करने वाली कंपनी कर्मी की शिकायत पर छह लोगों पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। आरटीए कार्यालय से कागजात मंगवाकर जांच की जाएगी।
- इंस्पेक्टर रोहताश, थाना प्रभारी आर्यनगर