निजी स्कूलों में निजी प्रकाशकों और मनमानी फीस वसूली का खेल खुलेआम चल रहा है। स्कूल संचालकों की मनमर्जी से अभिभावक परेशान हैं और अधिकारियों को शिकायत का इंतजार है। जबकि शिक्षा अधिकारी को निजी स्कूलोें में लगे निजी प्रकाशकों के काउंटर की जानकारी है। निजी स्कूलों के तानाशाही रवैये और अधिकारियों की लापरवाही के चलते अब अभिभावकों ने सड़क पर उतरकर आंदोलन का मन बना लिया है। अभिभावकों ने बैठक कर चेतावनी दी कि जल्द ही निजी स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो प्रदर्शन होगा।
नहीं थम रहा ड्रेस और किताबों को बेचने का सिलसिला
शहर के निजी स्कूलों में मिशन एडमिशन की प्रक्रिया जोरों पर चल रही है। ऐसे में निजी स्कूल संचालक मनमर्जी दाम में किताबें-कापियां, ड्रेस आदि बेच रहे हैं। शहर के कई प्रसिद्ध स्कूलों में काउंटर लगाकर निजी प्रकाशकों की किताबें, कापियां और ड्रेस बेचने का सिलसिला अभी भी जारी है। हालात ये है कि छठी कक्षा के लिए एनसीईआरटी की किताबों का सेट करीब 570 रुपये में मिल रहा है तो निजी प्रकाशकों की लगभग 5 किताबें 2000 रुपये में दी जा रही हैं।
अधिकारियों पर मिली भगत का आरोप
दिल्ली रोड के साथ रामनगर, डीएलएफ कालोनी, दुर्गा कालोनी, सोनीपत रोड, नया बस स्टैंड, बड़ा बाजार, जींद रोड, सुखपुरा चौक के पास चल रहे स्कूलोें में अभिभावकों को निजी प्रकाशकों की किताबें दी गई। अभिभावकों ने बताया कि स्कूल में बाकायदा किताबें और ड्रेस बेचने के लिए दुकान लगाई गई और स्कूल संचालक की तरफ से उन्हीं दुकानों से सामान लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। अभिभावकों का आरोप है कि निजी स्कूल संचालकों और अधिकारियों की मिली भगत से अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है।
लूट नहीं होगी बर्दाश्त, करेंगे आंदोलन
एमडीएन स्कूल में एमडीएन अभिभावक संघ और अभिभावक संघ वेलफेयर सोसायटी की बैठक हुई। संघ के प्रधान यशवंत ने कहा कि एमडीएन स्कूल प्रबंधन कमेटी के डायरेक्टर अंशुल नरवाल, प्रधानाचार्या लिली नागपाल और ट्रांसपोर्टर सुपरवाइजर प्रदीप अहलावत के साथ बैठक हुई। इसमें फीस व फंड, स्कूल में प्राईवेट पब्लिशर्स की पुस्तक न लगाकर एनसीईआरटी की किताबें पढ़ाने और महंगी स्कूल ड्रेस को लेकर चर्चा हुई। बैठक में स्कूल प्रबंधन कमेटी ने छठी से 12वीं तक स्कूल में एनसीईआरटी की पुस्तक लगाने पर तो सहमति जताई, लेकिन पहली से 5वीं तक कोई सहमति नहीं बनी। यही नहीं स्कूल के फंड एवं डेवलेपमेंट चार्ज के साथ एनुअल और फीस में भी 30 फीसदी की बढ़ोतरी मिली। जिस पर स्कूल प्रबंधन ने अपने खर्चे बताकर कम करने के लिए असहमति जताई। उन्होंने बताया कि प्रेम नगर, कैलाश कॉलोनी, मॉडल टाउन में सीबीएसई के प्रमुख स्कूलों के नाम की ड्रेस और किताबें बेची जा रही है। यह सब शिक्षा अधिकारियों की लापरवाही का ही नतीजा है, इसलिए वे अब चुप नहीं बैठेंगे। इस अवसर पर संदीप, सुनील, रेखा, ईश्वर, ब्रहमजीत, सुनील, राजीव, अनिल, धर्मवीर, ओमप्रकाश मौजूद रहे।
काउंटर चलने की शिकायत नहीं मिली
निजी स्कूल परिसर में काउंटर लगाकर निजी प्रकाशकों की किताबें, कापियां और ड्रेस की बिक्री पर लगाम लगाने के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों और खंड मौलिक शिक्षा अधिकारियों को आदेश दिए हैं। केवल एक निजी स्कूल की शिकायत मिली थी, जिस पर जांच करने के लिए आदेश दिए है। शहर के बाकी स्कूलोें के परिसर में चल रहे काउंटर को लेकर कोई शिकायत नहीं मिली है।
- परमेश्वरी हुड्डा, डीईईओ, रोहतक।