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बहुचर्चित गरनावठी ऑनर किलिंग मामला, लड़की के माता-पिता और भाई दोषी करार, सजा आज

Wed, 10 Aug 2016 02:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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देशभर में छाया था मामला, लड़कीे को घर में तो लड़के को भरे गांव में काट दिया था लड़की के परिजनों ने - फोटो : amar ujala
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 प्रदेश के बहुचर्चित गरनावठी ऑनर किलिंग मामले में जिला कोर्ट ने लड़की के मां-बाप और उसके भाई को दोषी करार दिया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र कौर की अदालत ने सबूतों के अभाव में लड़की के चाचा सहित तीन लोगों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। दोषी पिता नरेंद्र, उसकी पत्नी रिटा और बेटे सनी को बुधवार को सजा सुनाई जाएगी।
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आरोपियों के वकील जे. के. गक्खड़ ने बताया कि बुधवार को मामले में दोषियों की सजा पर बहस होगी। इसके बाद अदालत फैसला सुनाएगी। अदालत ने तीनों को हत्या सहित विभिन्न धाराओं में दोषी करार दिया है। गवाहियां पूरी होने के बाद मंगलवार को तीन को दोषी करार दिया गया जबकि लड़की के चाचा रविंद्र, चालक महेश और राजेश को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है।  

सरेआम की थी प्रेमी जोड़े की हत्या

सितंबर 2013 में कलानौर थाने के गांव गरनावठी में घर से लापता प्रेमी जोड़े (धर्मेंद्र और निधि) को गांव में लाकर सरेआम मौत के घाट उतार दिया गया था। हत्या के बाद युवक की सिर कटी लाश को उसके घर के बाहर फेंक दिया और लड़की का गुपचुप तरीके से अंतिम संस्कार कर दिया गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और युवक की लाश को कब्जे में ले लिया था। साथ ही श्मशान घाट पहुंचकर लड़की की अधजली लाश को निकाला था। पुलिस ने लड़की के पिता, माता और भाई सहित अन्य पर हत्या का केस दर्ज किया था। आरोपियों ने प्रेमी जोड़े को दिल्ली से गांव में लाकर हत्याकांड को अंजाम दिया था। इस बारे में उनके घर वालों को पता था। दोनों एक ही जाति से ताल्लुक रखते थे। लड़का दसवीं क्लास तक पढ़ाई करने के बाद गांव में घर वालों के साथ खेती करता था और लड़की रोहतक में ड्राइंग टीचर का कोर्स कर रही थी।
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गांव ने देखा था खौफनाक मंजर

प्रेमी जोड़े निधि और धर्मेंद्र के लापता होने के बाद से निधि के घरवालों ने तय कर लिया गया था कि दोनों को खौफनाक सबक सिखाया जाएगा। ताकि गांव में दहशत फैल जाए और इसके बाद कोई ऐसा करने की हिम्मत न जुटा सके। इसी वजह से जोड़े की तेजधार हथियारों से गला काटकर कत्ल किया गया। दहशत फैलाने के लिए धर्मेंद्र के सिर को धड़ से अलग कर दिया गया और उसे उसके घर के बाहर फेंक दिया गया। लड़की के घर वालों ने लड़के के घर वालों को पहले ही आगाह कर दिया था। करीब एक घंटे तक लड़के की लाश उसके घर के बाहर पड़ी रही। उसका सिर काटकर उसके पैरों में रखा गया था। 

17 दिसंबर 2013 को पेश किया था चालान

पुलिस ने बहुचर्चित ऑनर किलिंग के मामले में तीन महीने बाद 17 दिसंबर 2013 को चालान पेश किया था। पुलिस ने चालान में आरोपियों के खिलाफ हत्या, सबूत मिटाने, हत्या की साजिश रचने सहित अन्य धाराओं में चालान पेश किया था। पुलिस ने मामले में आरोपी युवती के पिता नरेन्द्र, मां रिटा, चाचा रविन्द्र, भाई सन्नी, पंच राजेश और चालक महेश के खिलाफ चालान पेश किया था।

पहले से ही था युवती के परिवार का गांव में दबदबा

युवती का परिवार शुरू से ही अपनी दहशत गांव में बनाकर रखता था। यदि ग्रामीणों की बातों पर विश्वास करे तो भरी पंचायत में किसी निर्णय को लेकर युवती के पिता नरेंद्र ने पंचायती व्यक्ति को भी थप्पड़ जड़ दिया था। इसके बाद भी लगातार इनके परिवार की दबंगई के मामले सामने आते रहते थे।

राजनीतिक रसूख भी है परिवार का

इतना ही नहीं युवती के परिवार का राजनीतिक रसूख भी है।  युवती के पिता नरेंद्र के पास दो एकड़ जमीन है और वह गांव में खेती के साथ साथ फ ार्म हाउस पर कुत्तों को भी पालता था। हत्यारोपी नरेंद्र के दादा के सात भाई हैं। इस वजह से ही गांव में नरेंद्र के परिवार का दबदबा रहा है। कुनबा बड़ा होने के कारण पंचायती चुनाव से लेकर विधानसभा चुनाव में भी उनकी पकड़ रहती है। घटना वाले दिन जब युवती के पिता और चाचा ने धर्मेंद्र की हत्या कर शव को उनके घर के बाहर फेंका तो युवक के परिजन डर गए। उन्हें यह डर सता रहा था कि कहीं पूरे परिवार पर ही हमला न बोला जाए। इसी डर में उन्होंने पुलिस को सूचना दी।

भाई करता था युवती की जासूसी

मामले में दोषी करार दिये गये युवती के भाई सन्नी पर उसकी जासूसी करने का आरोप है। पुलिस पूछताछ मेें युवती के पिता नरेंद्र पहले ही बता चुके है कि उन्हें निधि की हरकतों पर पहले से ही शक था। इसको लेकर
उसे कई बार समझाया भी था लेकिन वह नहीं मानी। जब निधि ड्राइंग कोर्स के लिए रोहतक जाती तो उसका भाई सन्नी उसकी जासूसी करता था।

चिता से उठाया था लड़की का अधजला शव

बताया जाता है कि जब प्रेमी धर्मेंद्र की पिटाई की जा रही थी तो युवती ने अपने परिजनों से उसे न मारने की विनती की थी। मगर परिजनों ने एक नहीं सुनी और धर्मेंद्र का सिर धड़ से अलग कर दिया।
इतना ही नहीं आरोपियों ने पुलिस की नजरों से बचने के लिए युवती का शव को फूं कने का भी प्रयास किया था। मगर पुलिस ने युवती के शव को अधजली अवस्था में चिता से उठा लिया था।

ऐसे आया था दरिदों के चंगुल में जोड़ा
 
प्रेमी जोड़े की जान बच जाती यदि वे पैसे मांगने के लिए अपने दोस्त को फ ोन नहीं करते। धर्मेंद्र ने दिल्ली से अपने दोस्त से आर्थिक मदद मांगी थी। उस वक्त उसका दोस्त युवती के घर पर था। युवती के परिजनों ने ही उसे और धर्मेंद्र के भाई को वहां पर शक के आधार पर बैठा रखा था। जब युवती के पिता नरेंद्र उर्फ  बिल्लू को भनक लगी तो उन्होंने दोस्त को झांसे में ले लिया। उन्होंने दोस्त को कहा था कि वे निधि और धर्मेंद्र को माफ कर देंगे।
इसके बाद उन्होंने धर्मेंद्र के भाई को भी घर बुलवा लिया। उन्होंने दोस्त से फ ोन करवाया कि बहादुरगढ़ बस स्टैंड पर आ जाओ। इसके बाद वे धर्मेंद्र के भाई और दोस्त को साथ लेकर बहादुरगढ़ के लिए रवाना हो गए। जब निधि और धर्मेंद्र बहादुरगढ़ पहुंचे तो युवती के परिजनों ने उन्हें अपनी गाड़ी में बैठा लिया और उसके भाई और दोस्त को वहीं छोड़ दिया। फिर गांव में लाकर हत्या कर दी।
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