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Rohtak: महम में ITI के प्राध्यापक ने जहरीला पदार्थ निगलकर दी जान, संस्थान की E-Mail ID पर भेजा सुसाइड नोट

Tue, 14 Jun 2022 09:11 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, महम, रोहतक (हरियाणा)

सार

मृतक हिसार के गांव रावलवास खुर्द का रहने वाला था। मरने से पहले ई-मेल भेजकर प्राचार्य सहित छह शिक्षकों पर परेशान करने आ आरोप लगाया। पुलिस उनके खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। प्राचार्य ने आरोपों को निराधार बताया।
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बहुतकनीकी संस्थान का बाहरी दृश्य। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा के रोहतक जिले के महम कस्बे में स्थानीय राजकीय बहुतकनीकी संस्थान के सिविल प्राध्यापक प्रदीप ने जहरीला पदार्थ निगलकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या करने से पहले मृतक ने बहुतकनीकी संस्थान की ईमेल आईडी पर एक सुसाइड नोट भेजा, जिसमें प्राचार्य सहित आधा दर्जन शिक्षकों पर उसे परेशान करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मृतक के पिता हिसार के गांव रावलवास निवासी जयबीर की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया है। 

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पुलिस के मुताबिक दी शिकायत में जयबीर निवासी रावलवास खुर्द जिला हिसार ने बताया कि उसका बेटा प्रदीप 28 राजकीय बहुतकनीकी संस्थान में बतौर सिविल प्राध्यापक सेवारत था। वह पिछले एक सप्ताह से परेशान चल रहा था। वह 8 जून से 10 जून तक पंचकूला किसी काम से गया हुआ था। 11 जून शाम को वह घर पर आया था। साथ ही उदास लग रहा था।

13 जून को प्रदीप घर से बिना खाना खाये ही संस्थान में आया था। शाम साढ़े तीन बजे उसके पास संस्थान के प्रधानाचार्य का फोन आया, जिसमें प्रदीप द्वारा जहर का सेवन करने की बात कही गई। मृतक के पिता का कहना है कि इस बारे में संस्थान के प्रधानाचार्य ने प्रदीप द्वारा संस्थान को भेजी गई ईमेल का प्रिंट आउट दिया, जिसमें उसने अपनी मौत की वजह संस्थान के कुछ शिक्षकों व प्रधानाचार्य को बताया है। पुलिस ने संस्थान के प्राचार्य सहित छह शिक्षकों के खिलाफ मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की है। 
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प्राचार्य बोले, एक महिला शिक्षक ने मृतक के खिलाफ थाने में दे रखी थी शिकायत 
मामले में संस्थान के प्रधानाचार्य दिनेश सिंधु का कहना है कि मृतक ने संस्थान की एक महिला शिक्षिका के खिलाफ मुख्य कार्यालय पंचकूला में ईमेल द्वारा शिकायत भेजी थी। इसके बाद महिला शिक्षिका ने मृतक के खिलाफ महिला थाने में शिकायत दे रखी थी।

मृतक ने सोशल मीडिया पर आकर महिला से माफी मांगी थी और अपनी गलती स्वीकार की थी। मृतक ने उनके सामने किसी प्रकार की बात नहीं बताई। अगर वह इस तरह की बात बता देता तो उसको ऐसा कदम नहीं उठाने देते। उन्होंने कहा कि उन पर लगे सभी आरोप बेबुनियाद व निराधार हैं। 

आईटीआई के प्राध्यापक का शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है। साथ ही प्राचार्य सहित छह शिक्षकों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया गया है। एक दिन पहले एक महिला शिक्षिका ने मृतक के खिलाफ भी केस दर्ज कराया था। मामले की निष्पक्षता से जांच पड़ताल कर रहे हैं। - इंस्पेक्टर प्रह्लाद सिंह, थाना प्रभारी महम

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