हरियाणा के रोहतक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के नाम पर फर्जीवाड़ा सामने आया है। आरोप है कि किसान के बाजरे की फसल में हुए 80 प्रतिशत नुकसान को फर्जी रिपोर्ट तैयार कर 25 प्रतिशत दिखाया गया। इसके लिए रोहतक खंड के कृषि अधिकारी व किसान के फर्जी हस्ताक्षर और मुहर का प्रयोग किया गया।
आर्थिक अपराध जांच शाखा की रिपोर्ट पर सिविल लाइन थाने में फसल बीमा योजना के नोडल अधिकारी व अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। मामले में किसान सभा के अध्यक्ष प्रीत सिंह ने कहा कि किसान वजीर सिंह ने साहस का परिचय देते हुए भ्रष्टाचारी अधिकारियों के खिलाफ आवाज उठाई है। फसल बीमा के प्रारूप 3 में गड़बड़ी कर बहुत सारे किसानों के साथ धोखाधड़ी की जाती है।
पुलिस के मुताबिक ओमैक्स सिटी निवासी संदीप कुमार ने दी शिकायत में बताया कि वह रोहतक खंड के कृषि अधिकारी हैं, जिनके अंतर्गत 57 गांव आते हैं। 21 जून को उपमंडल कृषि अधिकारी की तरफ से भाली आनंदपुर गांव निवासी वजीर सिंह की सीएम विंडो पर की गई शिकायत के संबंध में जवाब मांगा गया। किसान ने ज्यादा नुकसान के बावजूद कम मुआवजे को लेकर शिकायत की थी।
रोहतक खंड के कृषि अधिकारी का कहना है कि डीडीए कार्यालय में जो नुकसान की रिपोर्ट जमा करवाई गई, उसके ऊपर किए गए उनके हस्ताक्षर फर्जी हैं। साथ ही फर्जी मुहर का प्रयोग किया गया है। क्योंकि भाली आनंदपुर गांव कलानौर खंड में आता है।
उसे आशंका है कि विनोद हुड्डा, सहायक सांख्यिकी अधिकारी कम नोडल ऑफिसर, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना ने किसी के साथ मिलीभगत करके मेरे व किसान के हस्ताक्षर से बीमा कंपनी को नाजायज फायदा पहुंचाने का प्रयास किया है। पुलिस ने नोडल अधिकारी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है।