जिला एवं सत्र न्यायाधीश संत प्रकाश की अदालत ने अपहरण कर हत्या के मामले में जींद निवासी प्रवीण को दोषी मानते हुए उम्रकैद और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं देने पर दोषी को दो वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार गांव खिड़वाली निवासी रामतीर्थ ने सात अगस्त 2014 को पुलिस को शिकायत दी थी। रामतीर्थ ने बताया था कि वे हास्टल में सामान सप्लाई करते हैं। कुछ समय पहले उन्होंने अपने पार्टनर जींद के बुड्ढा खेड़ा निवासी प्रवीन को 65 हजार रुपये दिये थे। फिर कई महीनों बाद रामतीर्थ ने रुपये वापस लाने के लिए अपने भतीजे प्रतीक को प्रवीन के पास भेजा। प्रवीन एटीएम से रुपये निकालने की बात कहकर प्रतीक को अपने साथ ले गया। इसके बाद से ही प्रतीक लापता हो गया। कई दिनों तक प्रतीक के बारे में कोई सूचना नहीं मिली। इसके बाद झज्जर जिला स्थित छुछकवास नहर से प्रतीक शव बरामद हुआ। आरोप था कि प्रवीन ने अंगोछे से प्रतीक का गला घोंट कर हत्या कर दी। फिर शव नहर में फेंक दिया। पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर चालान कोर्ट में पेश किया। अदालत ने पूरे मुकदमे की सुनवाई के बाद प्रवीण को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।