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वित्तमंत्री की कोठी में आगजनी का मामला: षड्यंत्र के तहत लूटपाट और परिवार को जिंदा जलाने की साजिश

Tue, 30 Aug 2016 02:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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आरोपियों ने डिस्क्लोजर में किया खुलासा- पहले ही कर ली गई थी कोठी और वित्तमंत्री के परिवार को निशाना बनाने की तैयारी - फोटो : file photo
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आरक्षण आंदोलन हिंसा के दौरान वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु के परिवार और कोठी को उपद्रवियों ने पहले ही निशाना बना लिया था। मौका मिलते ही उपद्रवियों ने कोठी में आगजनी, लूटपाट और तोड़फोड़ की। इतना ही नहीं वित्तमंत्री के परिवार को जिंदा जलाने की साजिश रची गई। पकड़े गये कुछ आरोपियों ने एसआईटी की पूछताछ में यह खुलासा किया है। खुलासे से पहले एसआईटी समझ रही थी कि हिंसा के दौरान उपद्रवियों पर दिल्ली बाईपास पर फायरिंग होने के विरोध में कोठी को निशाना बनाया गया।
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दो दिन पहले रची गई थी साजिश

दरअसल, कोठी और वित्तमंत्री के परिवार को निशाना बनाने की साजिश कुछ उपद्रवियों ने हिंसा से दो दिन पहले ही रच दी थी। जब आंदोलनकारियों ने आईजी ऑफिस को निशाना बनाया और पुलिस ने उन पर फायरिंग की तो उपद्रवियों को भड़ास निकालने का मौका मिल गया। ताकि सभी को लगे कि फायरिंग के विरोध में कोठी को निशाना बनाया गया। इतना ही नहीं पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि साजिश रचे जाने के बाद उपद्रवियों ने पेट्रोल के कैन तक भर लिये थे।

कोठी की गार्द भी थी निशाने पर

उपद्रवियों ने पूरी तैयारी के साथ कोठी पर हमला बोला था। एसआईटी की मानें तो उपद्रवियों ने कोठी पर सुरक्षा के लिहाज से तैनात की गई गार्द को भी निशाना बना लिया था। इसी हिंसा के दौरान गार्द से मारपीट कर उनके हथियार लूट लिए गए थे। जांच में सामने आया कि उपद्रवियों ने एक नहीं बल्कि चार बार कोठी में आगजनी और लूटपाट की। इस वारदात में कुछ राजनीतिक पार्टियों के कार्यकर्ताओं को भी शामिल बताया जा रहा है। एसआईटी ने आरोपियों के सारे बयानों को चालान रिपोर्ट में शामिल कर लिया है। ताकि अदालत में मजबूती से अपना पक्ष रख सके।
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एमडीयू गेट के सामने रची गई थी साजिश

कोठी में आगजनी, लूटपाट और परिवार को जिंदा जलाने की साजिश एमडीयू के गेट के सामने बनाई थी। एसआईटी इंचार्ज सिद्घार्थ ढांडा ने बताया कि कुछ उपद्रवियों ने वारदात से दो दिन पहले गेट के सामने बैठक कर साजिश रची और सभी को उनके हिस्से का काम सौंपा गया। बता दें कि आरक्षण आंदोलन के दौरान आंदोलनकारियों ने एमडीयू के गेट नंबर 2 के सामने धरनास्थल बना रखा था।

अभी तक 40 गिरफ्तार, 35 का चालान पेश

एसआईटी अभी तक 40 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें से 12 आरोपी वे हैं, जिनको एसआईअी ने एफआईआर में नामजद किया था। इसके अलावा एसआईटी की तरफ से 35 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया जा चुका है। इन आरोपियों में से करीब 22 की जमानत मंजूर हो चुकी है। अब एसआईटी फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।

दो दर्जन से ज्यादा धाराओं में दर्ज हुआ था केस

हिंसा खत्म होने के बाद अर्बन एस्टेट थाना पुलिस ने 27 फरवरी को 40 को नामजद कर अन्य अज्ञात के खिलाफ दो दर्जन से ज्यादा धाराओं में केस दर्ज किया था। आरोपियों में एमडीयू छात्र, वकील सहित अन्य वर्ग के लोग शामिल थे। इनके खिलाफ आईपीसी की धारा 307, 353, 395, 427, आर्म्स एक्ट, 120बी, 148, 149, 186, 188,  436, 452 और पब्लिक प्रॉपर्टी को नुकसान करने सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया था।

परिवार को जिंदा जलाने का हुआ था प्रयास

बता दें कि हिंसा में उपद्रवियों ने 19 और 20 फरवरी को वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी में तोड़फोड़ और लूटपाट करने के बाद आग लगा दी थी। आगजनी में वित्तमंत्री का परिवार जैसे तैसे करके जान बचाकर भागा था। इसके बाद जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया।


मामले में एसआईटी द्वारा गिरफ्तार किये गये कुछ आरोपियों ने खुलासा किया है कि कोठी में आगजनी और लूटपाट की साजिश पहले ही रच ली गई थी। इसको लेकर कुछ आरोपियों ने एमडीयू गेट के सामने बैठक भी की थी। जैसे ही उपद्रवियों को मौका मिला तो उन्होंने कोठी को निशाना बनाया।
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डीएसपी सिद्घार्थ ढांडा, एसआईटी के इंचार्ज
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