रोहतक पीजीआई के मनोरोग विभाग में मंगलवार की रात एक महिला मरीज ने शौचालय के अंदर फंदा लगाकर आत्महत्या कर दी। झज्जर के आर्य नगर निवासी मोनिका (40) मानसिक रूप से बीमार थी। पुलिस ने उसकी मां के बयान दर्ज कर पोस्टमार्टम कराया और शव परिजनों के हवाले कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, मोनिका के पिता का देहांत हो चुका है। वह पिछले 10 साल से मानसिक रूप से बीमार चल रही थी। हालत ज्यादा बिगड़ने पर 20 दिन पहले उसे पीजीआई के मनोरोग विभाग में दाखिल कराया गया था। मंगलवार शाम को वह वार्ड नंबर 13 में दाखिल थी। वार्ड में ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ ने पुलिस को बताया कि रात करीब 11 बजे वह लघुशंका जाने की बात कहकर शौचालय में गई थी, लेकिन नहीं लौटी।
इंतजार करके 15 मिनट बाद जब नर्स ने देखा तो उसका शव शौचालय की चौखट से बंधे फंदे से लटका मिला। मामले की सूचना पीजीआई प्रबंधन को दी गई। रात करीब साढ़े 11 बजे पीजीआई थाने से पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों की मौजूदगी में शव को नीचे उतारा गया।
बुधवार को उसके रिश्तेदारों को बुलाकर पूछताछ की गई। इसके बाद मोनिका की मां के बयान दर्ज किए गए, जिसने मानसिक बीमारी के चलते बेटी द्वारा आत्महत्या करने की बात कही। पीजीआई थाना प्रभारी इंस्पेक्टर प्रमोद गौतम ने बताया कि मामले में आईपीसी की धारा 174 के तहत मौत को हादसा मानकर कार्रवाई की गई है।