हरियाणा के रोहतक में सिंचाई विभाग के एक्सईन के कार्यालय पर गमछा बांधकर सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने के मामले में आप के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नवीन जयहिंद के खिलाफ मंगलवार को पुलिस की तरफ से 15 पेज की चार्जशीट दाखिल की गई।
चार्जशीट में नवीन जयहिंद के खिलाफ आईपीसी की धारा 186, 353 व 500 के तहत आरोप लगाए गए हैं। अब 7 जून को मामले की अगली सुनवाई होगी। एमडीयू के छात्र नेता विक्रम डुमोलिया ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी थी कि 21 सितंबर 2022 को नवीन जयहिंद अन्य लोगों के साथ सिंचाई विभाग के कार्यालय में पहुंचा, जहां एक अधिकारी के साथ अभद्र व्यवहार किया।
कार्यालय के दरवाजे को परने से बंद कर दिया गया। साथ ही जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। जांच के बाद पुलिस ने छह अक्तूबर को नवीन के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया था। अदालत से जमानत मिल गई थी। पुलिस ने जांच के बाद एससी-एसटी एक्ट को हटा दिया था। मंगलवार को पुलिस की तरफ से जिला अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया। सुनवाई के दौरान खुद नवीन जयहिंद अदालत में पेश हुए। साथ में वकील गौरव भारती, वीरेंद्र लाकड़ा भी मौजूद रहे।
केसों से नहीं डरता, जनता की आवाज फिर उठाऊंगा
अदालत के बाहर आकर नवीन जयहिंद ने कहा कि सिंचाई विभाग में जाकर आम जनता की आवाज उठाई थी। क्योंकि किसान रोहतक के सिंचाई विभाग में अपनी समस्याएं लेकर आते थे, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं होती थी। एक दिन किसान परेशान होकर उनके पास आये, तो वे विभाग में पहुंचे। पता चला कि जो अधिकारियों व कर्मचारियों के बीच झगड़ा हो रखा था।
इसके चलते एक्सईएन ने अधीक्षक के कार्यालय पर ताला लगा रखा था। इसकी वजह से किसानों के काम नहीं हो पा रहे थे। इसके बाद केवल अपने गमछे से कार्यालय का दरवाजा बांधा था। जयहिंद ने कहा कि सरकार कितने भी केस कर ले, लेकिन वे आम लोगों की आवाज उठाते रहेंगे।
नवीन जयहिंद ने केवल किसानों की आवाज उठाई थी। चार्जशीट का अध्ययन कर लिया है। आरोपों में कोई दम नहीं है। अदालत में याचिका दायर करके दाखिल आरोप पत्र को रद्द करने की मांग करेंगे।
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गौरव भारती, वकील बचाव पक्ष