रोहतक। कोरोना महामारी से जिले को सुरक्षित रखने वाला चक्र अभी अधूरा है। 45 प्रतिशत लोगों को दूसरी डोज नहीं लगी है। अब तक जिले में 92 प्रतिशत को पहली व 55 प्रतिशत को दूसरी डोज लगाई गई है। प्रदेश के 93 प्रतिशत लोगों को पहली व 57 प्रतिशत को वैक्सीन की दूसरी डोज लगाई जा चुकी है।
महामारी का खतरा बना हुआ है। हर सप्ताह कोरोना संक्रमण के करीब दो केस सामने आ रहे हैं। सोमवार को कोई नया केस नहीं मिला। फिलहाल जिले में तीन सक्रिय मरीज घर में इलाज चल रहा है। ओमिक्रॉन का कोई केस अब तक जिले में नहीं मिलना राहत भरा है। स्वास्थ्य विभाग महामारी के खतरे को देखते हुए एहतियात व सावधानी बरतने की सलाह दे रहा है।
स्वास्थ्य विभाग अब तक जिले के 728842 लोगों को वैक्सीन की पहली डोज लगा चुका है। इसके अलावा 441033 लोगों को दूसरी डोज लगाई जा चुकी है। यह संख्या 55 प्रतिशत है। शेष 45 प्रतिशत लोगों को वैक्सीन लगाने का काम जोरों पर चल रहा है। यह लक्ष्य पूरा होने पर ही सुरक्षा चक्र पूरा होगा।
फ्रंट लाइन वर्कर्स का 115 प्रतिशत टीकाकरण
कोविड से सुरक्षा के लिए हेल्थ केयर वर्कर्स में से 99 प्रतिशत को पहली व 95 प्रतिशत को दूसरी डोज लगाई जा चुकी है। 15 फीसदी कर्मचारियों के बदलाव के कारण फ्रंट लाइन वर्कर्स का आंकड़ा 115 प्रतिशत हो गया है।
दूसरी डोज का धीमा चल रहा है काम
कोरोना से सुरक्षा के लिए पहली डोज का काम तेजी से हुआ है। दूसरी डोज का काम कुछ धीमा चल रहा है। यही वजह है कि अब तक 60 वर्ष से अधिक उम्र वाले लोगों को लगभग 100 फीसदी पहली व 78 प्रतिशत को दूसरी डोज लगाई जा चुकी है। इसके अलावा 45 से 60 वर्ष तक के 89 प्रतिशत लोगों को पहली व 60 प्रतिशत को दूसरी डोज, 18 से 44 वर्ष तक के 86 प्रतिशत को पहली व 45 प्रतिशत को दूसरी डोज लगाई जा चुकी है।
वर्जन:
कोरोना महामारी से लोगों को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें वैक्सीन लगाई जा रही है। इसके लिए टीकाकरण अभियान जारी है। जिले के हर व्यक्ति को वैक्सीन लगाने के लिए अभियान को रफ्तार दी जा रही है। अब तक 92 प्रतिशत को पहली व 55 प्रतिशत को दूसरी डोज लगाई जा चुकी है।
- डॉ. अनिलजीत सिंह त्रेहान, जिला टीकाकरण अधिकारी।