राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने रविवार को कोरोना योद्धाओं को सम्मानित किया। शहर की पुरानी अनाज मंडी में चौबीसी परिवार की ओर से यह सम्मान समारोह आयोजित किया गया। मंच पर जिले की 26 एनजीओ को महामारी काल में बेहतर कार्य करने पर सराहा गया। राज्यपाल ने आयोजकों को एक लाख रुपये सहायता राशि देने की भी घोषणा की।
राज्यपाल ने कहा कि विपदा के समय अपनी जान की परवाह न करते हुए समाजसेवा करने वाली गैर सरकारी संस्थाओं को प्रोत्साहित करना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। गैर सरकारी संस्थाओं के निस्वार्थ सहयोग का ही परिणाम है कि हमने महामारी के खिलाफ मजबूती से लड़ाई लड़ी। संकट के दौरान मदद करने वाले लोगों व संस्थाओं को सदैव याद रखना चाहिए। हम भगवान की पूजा करते हैं लेकिन वह हमें दिखाई नहीं देते। महामारी के दौरान अपनी सेवा के माध्यम से लोगों की मदद करने वाले कोरोना योद्धा हमारे बीच भगवान का ही स्वरूप बनकर आए। ऐसे लोगों का सार्वजनिक मंच पर सम्मान करना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। इससे उनका सेवा करने का मनोबल भी बढ़ेगा। इससे पूर्व उन्होंने समारोह स्थल पर ध्वजारोहण किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करना हम सबके लिए गौरव की बात है। इस प्रकार की गतिविधियों से देशभक्ति की भावना मजबूत होती है।
महामारी में अग्रिम मोर्चे पर डटी रही संस्थाएं : मनीष ग्रोवर
समारोह के विशिष्ट अतिथि पूर्व मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर ने कहा कि महामारी में लोगों की मदद करने की समाजसेवी संस्थाओं की भूमिका को कभी नहीं भुलाया जा सकता। संक्रमण काल में समाजसेवी संस्थाओं के कार्यकर्ता अपनी जान की परवाह किए बगैर अग्रिम मोर्चे पर डटे रहे। संक्रमितों को बचाने में मेडिकल, पैरामेडिकल स्टाफ व नगर निगम के कर्मचारी अग्रिम मोर्चे पर रहे। ऐसे लोगों को सम्मानित करना दूसरों को भी अच्छा काम करने के लिए प्रेरित करेगा। इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला, डॉ. आदित्य बतरा, डॉ. अंकुर अग्रवाल, डॉ. अजय गर्ग, पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा, सुमित भयाना, नरेश आनंद, पवन आहूजा, योगेश अरोड़ा, डिंपल जैन, अभिषेक तंवर, सचिन आचार्य, नरेंद्र राव, भजन सिंह, विनय पाल, सतपाल, राम सिंह वाल्मीकि समेत अन्य शामिल रहे।