हरियाणा की सियासी राजधानी एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के गढ़ रहे रोहतक में बुधवार को हरियाणा प्रगति रैली हुई, जिसे मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने जिले को 700 करोड़ के करीब की सौगात दी। इसमें रैली स्थल पर ही 37 करोड़ के विकास कार्यों की 11 से अधिक परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। साथ ही जिला अदालत, नगर निगम, खजाना विभाग, समाज कल्याण विभाग व खाद्य आपूर्ति विभाग सहित आठ कार्यालयों को सुनारिया के नजदीक नगर निगम की 64 एकड़ जमीन में शिफ्ट करने का निर्णय किया, जहां 250 करोड़ की लागत से बिल्डिंग बनाई जाएंगी।
पहरावर की जमीन को लेकर सियासत गरम, सांसद ने मंच से उठाया मुद्दा, मुख्यमंत्री ने नहीं दिया जवाब
पहरावर गांव की 15 एकड़ जमीन को लेकर सियासत गरमाने लगी है। भाजपा सांसद अरविंद शर्मा ने मुख्यमंत्री की हरियाणा प्रगति रैली में मंच से समाज हित में मुख्यमंत्री से जमीन को लेकर फैसला लेने का आग्रह किया। हालांकि मुख्यमंत्री ने संबोधन में कोई जिक्र नहीं किया। इस पर कांग्रेस विधायक ने बयान जारी कर कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा ने गौड़ संस्था को जमीन दिलवाई थी, लेकिन वर्तमान सरकार समाजहित में फैसला नहीं ले रही है।
मंच पर संबोधन में मुखर नजर आए सांसद डॉक्टर अरविंद शर्मा ने अमरूत प्रोजेक्ट व पहरावर की जमीन का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पहरावर गांव में जमीन के मामले को लेकर कहा कि मुख्यमंत्री तुरंत इस मामले का समाधान निकाले, ताकि समाज को यह जमीन मिल सके।
सांसद ने कहा कि करीब एक माह पहले मुख्यमंत्री ने समाज के लोगों को आश्वासन दिया था कि गौड़ शिक्षण संस्थान के जमीन के मामले को तुरंत हल कर दिया जाएगा। इसके अलावा सांसद ने मंच से ही कहा कि विकास कार्यों को लेकर निगरानी होनी चाहिए।
उन्होंने अमृत योजना का भी मामला उठाया और कहा कि योजना को लेकर करीब 300 करोड़ रुपये मंजूर हुए थे और एक साल के अंदर काम पूरा होना था, लेकिन न तो प्रोजेक्ट पूरा हुआ और न ही इतनी बड़ी राशि का पता चला कि आखिर कहां है। उन्होंने कहा कि यूपी के मुख्यमंत्री योगी की तर्ज पर विकास कार्यों में पारदर्शिता व भ्रष्टाचार रोकने के लिए ऐसी नीति बनाई जाए कि कार्यकर्ता व जिम्मेदार व्यक्ति शामिल हो सकें।
साथ ही उन्होंने किसानों के लिए नहरी पानी व जिले में जर्जर हो चुकी स्कूलों की बिल्डिंग का मुद्दा भी उठाया। परशुराम जयंती का जिक्र करते हुए सांसद डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि सभी लोगों को फरसे का सम्मान करना चाहिए। सांसद के नेतृत्व में ब्राह्मण समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और उन्हें स्मृति चिह्न भेंट किया।
कांग्रेस विधायक बोले, रैली से निराशा मिली, अनुबंधित कर्मचारियों को ड्यूटी के बाद रैली में धकेला गया
वहीं, कांग्रेस विधायक भारत भूषण बतरा का कहना है कि मुख्यमंत्री की प्रगति रैली से शहरवासियों को निराश मिली है। नगर निगम और नगर पालिकाओं को लेकर की गई घोषणाओं में स्पष्टता नहीं है। बयान जारी कर विधायक ने कहा कि काफी दिनों से इस रैली को लेकर शहरवासियों को उम्मीद थी। स्थानीय ज्वलंत मुद्दों का समाधान होगा। इसके विपरीत रैली में ज्यादातर फोकस सरकार की नीतियों के बयान पर रहा।
बत्रा ने कहा के शहर के कई बाजारों के स्थानांतरण का मामला लगातार विधानसभा में उठ चुका है, जाम से त्रस्त व्यापारी स्वयं चाहते हैं कि इसका समाधान हो, व्यापारियों को उम्मीद थी कि रैली में मुख्यमंत्री उनको लेकर कोई घोषणा करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके साथ ही अमृत योजना में हुए घोटाले को लेकर वे स्वम भी बार-बार आवाज उठाते रहे हैं, और आज रोहतक के सांसद ने मुख्यमंत्री की मौजूदगी में भी इस मामले को उठाया, लेकिन मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कोई जिक्र नहीं किया।
बतरा का कहना है कि गौड़ ब्राह्मण संस्था की पहरावर भूमि को लेकर मुख्यमंत्री ने ब्राह्मण समाज को निराश किया है। उन्होंने कहा कि यह बहुत अजीब है कि मंच से सांसद डॉ अरविंद शर्मा के बार-बार आग्रह के बाद भी मुख्यमंत्री इस मामले पर खामोश रहे। बत्रा ने कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने ब्राह्मण समाज के एक आग्रह पर उन्हें यह भूमि दी थी। वर्तमान सरकार बार-बार समाज के आग्रह को ठुकरा रही है।
मुख्यमंत्री के सामने जमीन को लेकर उठाई आवाज
पहरावर गांव की जमीन का जहां सांसद ने अपने संबोधन में न केवल जिक्र किया, बल्कि मुख्यमंत्री से समाज हित में निर्णय लेने की मांग की। मुख्यमंत्री द्वारा जब अपने संबोधन में जमीन के मामले का जिक्र नहीं किया गया तो मंच के ठीक सामने मुख्यमंत्री का भाषण पूरा होने के बाद कुछ युवा नारेबाजी करने लगे। एक युवक बार-बार चिल्लाकर कह रहा था कि मुख्यमंत्री साहब, पहरावर गांव की जमीन संस्था को दे दीजिए।