रोहतक पीजीआई में जीएनएम की नौकरी लगवाने का झांसा देकर डेढ़ लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि चांदी गांव के युवक व उसकी पत्नी ने पीड़ितों से कहा कि उनका फर्नीचर का कार्य रहा है। मंत्रियों की कोठियों में दरवाजों की कई जोड़ियां चढ़ाई हैं। छह लाख रुपये में नौकरी लगवा देंगे। डेढ़ लाख एडवांस देने होंगे।
पुलिस को दी शिकायत में हैफेड चौक निवासी बलजीत सिंह ने बताया कि उसके तीन लड़के व तीन पुत्रवधू हैं। किसी को सरकारी नौकरी नहीं मिली। अपना काम करके बच्चों का पालन-पोषण कर रहे हैं। साल 2014-15 में चांदी गांव का युवक राजेश उसके मकान में किराये पर रहता था। साथ ही लकड़ी के दरवाजे तैयार करने का काम करता था। जबकि उसकी पत्नी दुकान चलाती थी। तभी से उनके साथ जान-पहचान थी।
2021 में उसकी पुत्रवधू ने पीजीआई में जीएनएम के पद के लिए आवेदन किया था। जब इसका पता राजेश को चला तो वह अपनी पत्नी के साथ आया। उसने कहा कि उसने मंत्रियों की कोठियों में कई दरवाजे जोड़ी चढ़ाने का काम किया है। उनकी दुकान से कोठियों पर सामान जाता है। बड़े बड़े शहरों में अफसरों को भी सामान भेजता है। उनके साथ अच्छी जान पहचान है। वह उसकी पुत्रवधू को पीजीआई में जीएनएम की नौकरी लगवा देगा। इसके लिए डेढ़ लाख पहले व बाकी पैसे बाद में देने होंगे। 5-6 लाख में काम हो जाएगा। उसने डेढ़ लाख रुपये ले लिए, लेकिन अभी तक नौकरी नहीं लगवाई। अब शहर छोड़कर गांव में चला गया। वह गांव में पैसे मांगने गया तो उसे धमकी दी। सिटी थाना प्रभारी देशराज का कहना है कि केस दर्ज कर जांच पड़ताल कर रहे हैं।