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महिला बाक्सिंग विश्व चैंपियनशिप से पहले इस्तांबुल में हुनर निखारेंगी बॉक्सर बेटियां

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विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप से पूर्व शिविर के लिए देश की टीम में चयनित बॉक्सर बेटियां। विज्ञप्ति - फोटो : RohtakCity
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रोहतक। तुर्की में 21 मई से शुरू होने वाली महिला बॉक्सिंग विश्व चैंपियनशिप को लेकर देश की बेटियों की तैयारी जोरों पर है। इस चैंपियनशिप से पहले ये बेटियां इस्तांबुल में आयोजित 15 दिवसीय शिविर में अपना हुनर निखारेंगी। इसके लिए देश की 12 सदस्यीय टीम चुनी गई है। इस टीम में 8 बेटियां हरियाणा से हैं। इनमें से तीन-तीन रोहतक व भिवानी से हैं। कैथल, हिसार व चंडीगढ़ से एक-एक, तेलंगाना से एक व असम से दो बेटियां टीम में चुनी गई हैं।
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ओलंपिक कांस्य पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन समेत 12 बेटियां अगले महीने तुर्की में होने वाली महिला बॉक्सिंग विश्व चैंपियनशिप में हिस्सा लेंगी। इसके लिए भारतीय मुक्केबाजी दल इस्तांबुल में आयोजित 15 दिवसीय शिविर में दमखम आजमाएगा। यह दल वीरवार तड़के रवाना हो चुका है। कोविड-19 महामारी के कारण पिछले साल दिसंबर में स्थगित की गई विश्व चैंपियनशिप अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ (आईबीए) के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार तुर्की में छह से 21 मई तक होगी।
हरियाणा बाक्सिंग संघ के प्रवक्ता अधिवक्ता राजनारायण पंघाल ने बताया कि मुख्य कोच भास्कर भट ने साई (भारतीय खेल प्राधिकरण) से आग्रह किया था कि विश्व चैंपियनशिप से पहले 15 दिवसीय शिविर को स्वीकृति दी जाए। इससे खिलाड़ी प्रतियोगिता से पहले हालात से सामंजस्य बैठा सकेंगे। इस्तांबुल शिविर में मुक्केबाजों को अन्य देशों के प्रतिभागी मुक्केबाजों के साथ प्रशिक्षण व मुकाबले का मौका मिलेगा।
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हरियाणा बॉक्सिंग संघ के अध्यक्ष मेजर सत्यपाल सिंधु व कार्यकारी सचिव रविंद्र पानू ने संयुक्त रूप से सभी बॉक्सरों को वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हरियाणवी बॉक्सर हर प्रतियोगिता में प्रदेश व देश का नाम रोशन करते रहे हैं। इस बार भी पहले से बेहतर नतीजे रहेंगे। यह चैंपियनशिप भारतीय महिला मुक्केबाजों के लिए साल की पहली बड़ी प्रतियोगिता है। इसी साल जुलाई-अगस्त में बर्मिंघम में राष्ट्रमंडल खेलों व सितंबर में हांगझोउ एशियाई खेलों का भी आयोजन होना है। ऐसे में खिलाड़ियों का साल काफी व्यस्त रहेगा।
टोक्यो में 69 किलोग्राम वर्ग में पदक के साथ लवलीना का यह पहला प्रतिस्पर्धी टूर्नामेंट होगा। यह वजन वर्ग अब आईबीए या ओलंपिक के वजन वर्ग का हिस्सा नहीं है। विश्व चैंपियनशिप में अब 70 किलोग्राम वर्ग में चुनौती पेश करने वाली असम की 24 वर्षीय स्टार लवलीना के संदर्भ में उन्होंने कहा कि वह पेरिस ओलंपिक में 75 किलोग्राम वर्ग में हिस्सा लेने के लिए खुद को मानसिक रूप से तैयार कर रही है। इस्तांबुल प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले अन्य मुक्केबाजों में विश्व चैंपियनशिप 2014 की रजत पदक विजेता अनुभवी स्वीटी बूरा (75 किग्रा), निकहत जरीन (52 किग्रा) और एशियाई खेलों की दो बार की स्वर्ण पदक विजेता पूजा रानी बोहरा (81 किग्रा) शामिल हैं। छह बार की विश्व चैंपियन एमसी मैरीकोम टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लेंगी, क्योंकि बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए वह विश्व चैंपियनशिप व एशियाई खेलों से हट गई हैं।
विश्व चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम
रोहतक से अनामिका हुड्डा (50 किग्रा), शिक्षा नरवाल (54 किग्रा), प्रवीन हुड्डा (63.5 किग्रा), भिवानी से नीतू घनघस (48 किग्रा), जैस्मिन लंबोरिया (60 किग्रा), पूजा रानी (81 किग्रा), हिसार से स्वीटी बूरा (75 किग्रा), कैथल सेमनीषा मौन (57 किग्रा), असम से अंकुशिता बोरो (66 किग्रा), लवलीना बोरगोहेन (70 किग्रा), तेलंगाना से निकहत जरीन (52 किग्रा), चंडीगढ़ से नंदिनी सूद (+81 किग्रा) भारतीय टीम में शामिल हैं।
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