रोहतक शहर की आईएमटी में सोमवार सुबह करीब साढे़ 7 बजे कार व बाइक के कलपुर्जे बनाने वाली ऑटो फैक्टरी के सॉल्ट टैंक में ब्लास्ट हो गया। अंदर से निकला गरम तरल पदार्थ ऊपर गिरने से यूपी के सोनभद्र निवासी 21 वर्षीय बिजेंद्र व प्रयागराज के 27 वर्षीय रमेश यादव की मौत हो गई। जबकि गोरखपुर के 36 वर्षीय संचिदानंद की हालत अभी गंभीर बनी हुई है। हादसे से नाराज कंपनी के श्रमिकों ने न केवल गेट के बाहर प्रदर्शन किया, बल्कि आईएमटी चौक पर रोड जाम कर दिया। पुलिस ने श्रमिकों को समझा-बुझाकर शांत किया।
आईएमटी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर कैलाशचंद ने बताया कि सुबह सूचना मिली कि आईएमटी चौक के नजदीक ऑटो फैक्टरी में ब्लास्ट हो गया है, जिसकी चपेट में आने से तीन श्रमिक झुलस गए। वे मौके पर पहुंचे तो श्रमिकों को पीजीआई ले जाया जा चुका था। जबकि फैक्टरी के सैकड़ों श्रमिक गेट के बाहर जमा थे।
पीजीआई में बिजेंद्र व रमेश ने दम तोड़ दिया। वहीं, तीसरे श्रमिक संचिदानंद का अभी उपचार चल रहा है। बिजेंद्र जहां बोहर गांव तो रमेश खेड़ी साध में किराए पर रहता था। दोनों के परिजनों को सूचित कर दिया है। परिजन जो बयान दर्ज करवाएंगे, उसके अनुसार मामले में कार्रवाई की जाएगी।
श्रमिक बोले-नहीं थी एंबुलेंस, वाहन ढूंढने में लग गया समय
फैक्टरी के बाहर जमा श्रमिकों ने प्रबंधन पर आरोप लगाया कि कंपनी में साढ़े 300 से ज्यादा श्रमिक काम करते हैं, लेकिन हादसे के समय श्रमिकों को जल्द पीजीआई ले जाने के लिए एंबुलेंस तक नहीं थी। 10 मिनट तक श्रमिक तड़पते रहे। समय रहते अगर उनको प्राथमिक उपचार मिल जाता या पीजीआई ले जाते तो जान बच सकती थी। आरोप यह भी है कि जब भी फैक्टरी कर्मियों को दिक्कत आती है तो गेट पास बनाकर बाहर भेज दिया जाता है।
कंपनी के अंदर श्रमिकों के लिए सुरक्षा व स्वास्थ्य संबंधी हर संभव सुविधाएं हैं। समय रहते कर्मचारी तीनों श्रमिकों को पीजीआई ले गए, लेकिन उनको बचाया नहीं जा सका। मैं खुद पीजीआई गया था। साथ ही फैक्टरी मालिकों से बात हो गई है, उन्होंने कहा कि वे श्रमिक परिवारों की हर संभव मदद करेंगे। किसी तरह की सुरक्षा प्रबंधों में कोताही नहीं बरती गई।
- अनिल साहू, एचआर, शिवम ऑटोटेक
मृतक श्रमिक बिजेंद्र व रमेश के शव को पीजीआई के डेड हाउस में रखवाया गया है, जबकि घायल श्रमिक संचिदानंद का उपचार चल रहा है। मृतक के परिजनों को सूचित कर दिया है, जो यूपी से चल पड़े हैं। उनके देर रात तक रोहतक पहुंचने की संभावना है। उनके बयानों पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- इंस्पेक्टर कैलाशचंद, थाना प्रभारी आईएमटी
श्रमिक बोले-नहीं थी एंबुलेंस, वाहन ढूंढने में लग गया समय
हादसे से नाराज कंपनी के श्रमिकों ने न केवल गेट के बाहर प्रदर्शन किया, बल्कि आईएमटी चौक पर रोड जाम कर दिया। पुलिस ने श्रमिकों को समझा-बुझाकर शांत किया। फैक्टरी के बाहर जमा श्रमिकों ने प्रबंधन पर आरोप लगाया कि कंपनी में साढ़े 300 से ज्यादा श्रमिक काम करते हैं, लेकिन हादसे के समय श्रमिकों को जल्द पीजीआई ले जाने के लिए एंबुलेंस तक नहीं थी। 10 मिनट तक श्रमिक तड़पते रहे। समय रहते अगर उनको प्राथमिक उपचार मिल जाता या पीजीआई ले जाते तो जान बच सकती थी। आरोप यह भी है कि जब भी फैक्टरी कर्मियों को दिक्कत आती है तो गेट पास बनाकर बाहर भेज दिया जाता है।
शिवम ऑटोटेक कंपनी में सुबह अचानक टैंक में धमाका हुआ, जिसमें दो श्रमिकों बिजेंद्र व रमेश की झुलसने से मौत हो गई। जबकि एक श्रमिक सचिदानंद घायल हो गया। घायल श्रमिक का आरोप है कि कंपनी के एचआर अनिल साहू व सुरक्षा अधिकारी कमल ने श्रमिकों को कोई सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए। दोनों की लापरवाही से हादसा हुआ है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है।
- एसआई बुध सिंह, जांच अधिकारी थाना आईएमटी