रोहतक। एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) आवेदन के नाम पर हो रही धोखाधड़ी से बचने के लिए पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है। एसआईआर आवेदन या इसी नाम से फर्जी कॉल कर ठग ओटीपी मांगते हैं। ठग एसआईआर.एपीके फाइल नाम से फर्जी एपीके अपलोड कराते हैं। ऐसे मामलों में अपनी गोपनीय जानकारी साझा न करें।
पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र सिंह भौरिया ने कहा कि एसआईआर के नाम पर धोखाधड़ी की जा रही है। यह एक व्यापक प्रक्रिया है। इसे भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए चलाया है।
इसका उद्देश्य योग्य मतदाताओं को शामिल करना व अपात्र या दोहराए गए नामों को हटाना है। धोखाधड़ी के लिए ठग साइबर अपराधी एसआईआर फॉर्म या इसी नाम से फर्जी कॉल कर ओटीपी मांगते हैं। एसआईआर.एपीके फाइल नाम से फर्जी एपीके इनस्टाल कराते हैं। ये सरकारी दिखने वाले नाम व लोगो का उपयोग करते हैं। इससे आमजन भ्रमित हो जाते हैं।
एसपी ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी अनजान व्यक्ति का फोन आने पर एसआईआर फॉर्म के लिए ओटीपी नहीं देना चाहिए। आमजन केवल ऑफिस या अपने बीएलओ से ही संपर्क करें। बार-बार ओटीपी देने का दबाव बनाने या धमकी देने पर पुलिस की मदद लें। कोई भी सरकारी एजेंसी कॉल, व्हाटसअप, एसएमएस या एपीके फाइल के माध्यम से ओटीपी, बैंक के खाते की जानकारी नहीं मांगती है।