जाट शिक्षण संस्थान के आजीवन सदस्य और जाट हाई स्कूल के रिटायर्ड शिक्षक मास्टर रामधारी खोखर ने फोटोयुक्त पहचान पत्र की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। इस संबंध में वीरवार को संस्थान के प्रशासक टीएल सत्यप्रकाश को इस संबंध में पत्र लिखा है। साथ ही ईमेल के जरिए मुख्यमंत्री को भी शिकायत भेजी गई है। इधर, संस्था प्रशासक के ओएसडी ने शिकायतकर्ता को उसकी शिकायत का जवाब भेज दिए जाने का दावा किया है।
दरअसल मास्टर रामधारी की ओर से सभी प्रकार के दस्तावेज संस्थान में जमा कराए जाने के बावजूद उनका नाम दस्तावेज तर्कसंगत नहीं पाए गए वाली सूची में डाल दिया गया। इनका फोटोयुक्त पहचान पत्र बनाने से इन्कार कर दिया गया है।
करीब 90 वर्षीय इस रिटायर्ड शिक्षक ने जाट हाई स्कूल में 40 वर्ष से भी ज्यादा समय तक सेवा की। सभी दस्तावेज जमा कराने के बावजूद वे खुद को संस्था का आजीवन सदस्य साबित नहीं कर पा रहे हैं। उनका कहना है कि आजीवन सदस्यों की सूची में किसी प्रकार की दिक्कत थी तो वह संस्थान की ओर से थी। इसे ठीक किया जाना चाहिए। अपनी गलती सुधारने के बजाय बुजुर्ग आजीवन सदस्य को परेशान किया जा रहा है। इस बारे में काफी समय पहले प्रशासक के ओएसडी को भी अवगत करा दिया गया था।
उनका कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से रोहतक की भरत कॉलोनी में रह रहे हैं, लेकिन उन पर इस बात के लिए जोर दिया जा रहा है कि वे कंसाला गांव के सरपंच से यह लिखवा कर दें कि फिलहाल भी कंसाला में रह रहे हैं। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद पिछले दिनों जाट शिक्षण संस्थान के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई थी। हाईकोर्ट के आदेश पर आजीवन सदस्यों के फोटो युक्त पहचान पत्र बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई। पहचान पत्र बनाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई। संस्था की ओर से एक विज्ञापन जारी किया गया था। इसमें कहा गया कि पते में बदलाव होने पर गांव के रहने वाले सरपंच और शहर में रहने वाले पार्षद से सत्यापित कराकर दस्तावेज जमा कराएं। उनका पैतृक गांव रोहतक जिला का कंसाला गांव है। वे पिछले काफी समय से रोहतक की भरत कालोनी में रह रहे हैं। उनका वोटर कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि सभी दस्तावेज रोहतक की भरत कालोनी के पते पर हैं। आरोप है कि फर्जी सूची तैयार कर फोटो युक्त पहचान पत्र बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसलिए इस प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए और पूरे मामले की गहनता से जांच की जाए।
शिकायतकर्ता को भेज दिया गया है जवाब
जाट शिक्षण संस्था के प्रशासक के ओएसडी डॉ. नवनीत अहलावत ने बताया कि एक शिकायत ईमेल के जरिये मिली है। इस मामले में शिकायतकर्ता को जवाब भेज दिया है। मतदाता सूची में त्रुटि दूर कराने के लिए सामूहिक रूप से आपत्तियां आमंत्रित की गई थी। इस मामले में पुराना रिकॉर्ड भी जांचा गया है। सभी में शिकायतकर्ता के नाम के साथ पिता की जगह स्कूल का नाम दर्ज है। इसे कभी दुरुस्त ही नहीं कराया गया। वर्ष 2016 व इससे पहले चुनाव में भी यही नाम है। त्रुटि सुधारने के लिए आवेदन आएगा तो उचित कार्रवाई की जाएगी। सभी कार्य निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से किया जा रह है।