बहुअकबरपुर के नरेश उर्फ बिल्लू हत्याकांड की गुत्थी वारदात के दूसरे दिन भी नहीं सुलझ सकी। पुलिस ने शक के आधार पर उन चार युवकों से पूछताछ की है, जो रात में नरेश के साथ पार्टी में शामिल थे। युवकों को न गिरफ्तार किया गया है और न ही क्लीनचिट दी गई है। बहुअकबरपुर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर शमशेर सिंह ने बताया कि पूछताछ के बाद हत्या का राज खुलने की उम्मीद जगी है, लेकिन अभी इंतजार करना पड़ेगा।
शनिवार को बहुअकबरपुर निवासी निखिल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसके पिता पांच भाई थे। चार की मौत हो चुकी है। अब चाचा नरेश उर्फ बिल्लू ही बचे थे, जो तूड़ी बनाने का कार्य करते थे। शुक्रवार रात को उसके चाचा नरेश प्लॉट में अपने साथियों सुखचैन, धोनी, धर्म व ओमबीर निवासी बहुअकबरपुर के साथ बैठकर पार्टी कर रहा था। ओमबीर को छोड़कर सभी रात करीब 9 बजे खा-पीकर अपने-अपने घर चले गए। ओमबीर उसके चाचा नरेश के साथ बैठा रहा। रात करीब 12 बजे आपस में झगड़ा होने का शोर सुनाई दिया। ओमबीर और चाचा नरेश आपस में लड़ रहे थे, फिर उसका चाचा नरेश से छुट-छुटाकर अपनी चारपाई पर लेट गया। ओमबीर चारपाई के पास जमीन पर लेट गया। वह अपने घर आकर सो गया। सुबह करीब सवा पांच बजे उठकर अपनी भैंसों को खोलकर दूसरी तरफ लेने के लिए आया तो देखा कि चाचा नरेश के सिर पर काफी चोट लगी हुई थी। सिर और चेहरा खून से लथपथ था। पुलिस को घटनास्थल पर देसी शराब की बोतल, हवाई चप्पल व बर्तन भी मिले था। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था, लेकिन पार्टी करने वाले युवकों से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि वारदात का सुराग मिल सके।
पार्टी करने वाले युवकों से पूछताछ की गई, लेकिन हत्या का राज नहीं खुला है। पुलिस की टीम कई दृष्टिकोण से पूछताछ आगे बढ़ा रही है। उम्मीद जल्द वारदात से पर्दा उठ जाएगा। -इंस्पेक्टर शमशेर सिंह, प्रभारी बहुअकबरपुर थाना।