रोहतक। जिले की मुख्य सप्लाई में आ रहे गंदे पानी के कारण पेट संबंधी बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग टीम को शहर के विभिन्न इलाकों में मुख्य सप्लाई में आ रहे गंदे पानी के सैंपलों में जांच में कोलीफार्म नामक बैक्टीरिया मिला है। यह बैक्टीरिया पेट संबंधी बीमारियों के फैलने का कारण बनता है।
संवाद न्यूज एजेंसी की टीम बुधवार को मॉडल टाउन पहुंची तो लोगों ने अपनी पीड़ा बताई। निवासियों ने कहा कि पानी की जगह जहर सप्लाई किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से भी इसको लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जनवरी से अब तक शहर के अलग-अलग स्थानों से 66 पानी के सैंपल लिए। इनमें से आठ सैंपल फेल आए हैं। इनकी रिपोर्ट जन स्वास्थ्य विभाग को सौंप दी है। संवाद
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पानी को उबालकर पीना चाहिए
यह बैक्टीरिया मल में पाया जाता है जो छोटी व बड़ी आंत में मिलता है। पीने के पानी को प्रदूषित कर पेट संबंधी बीमारियों का कारण बनता है। उल्टी, दस्त, हेपेटाइटिस ए,बी, सी होने का खतरा रहता है। ऐसे में पानी को उबालकर पीने से थोड़ा बचाव किया जा सकता है।
- डॉ. संदीप गोयल, प्रोफेसर, गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग, पीजीआई
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वर्जन
कुछ प्रभावित कॉलोनियों में क्षतिग्रस्त व पुरानी पाइप लाइन होने से गंदे पानी सप्लाई हो रहा है। विभाग की टीम उन कमियों को दूर करने में जुटी है। शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। सप्लाई के समय विभाग की ओर से सैंपल लिए जाते हैं। रूटीन में कॉलोनियों पहुंचकर पानी की जांच की जा रही है।
- संदीप कुमार, कार्यकारी अभियंता, जन स्वास्थ्य विभाग
वर्जन
जनवरी से अब तक पानी के 66 सैंपल जांच के लिए एकत्रित किए गए। इनमें से आठ सैंपल फेल मिले हैं जिनमें कोलीफार्म नामक बैक्टीरिया मिला है। यह पेट संबंधी बीमारियों का कारण बनता है। इससे पेट खराब रहने लगता है। 52 सैंपल सही आए हैं। फिलहाल छह सैंपलों की रिपोर्ट आनी बाकी है। विभाग की टीम ऑनलाइन या लिखित शिकायत आने पर मौके पर सैंपल लेने पहुंचती है। रूटीन में भी सैंपल लिए जाते हैं।
- बहादुर सिंह, हेल्थ इंस्पेक्टर
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किस माह कहां से सैंपल लिए
स्थान फेल सैंपल महीना
मॉडल टाउन दो फरवरी
सेक्टर-2 दो फरवरी
संजय कॉलोनी एक मार्च
शौरा कोठी एक जनवरी
प्रेमनगर दो जनवरी
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दो माह से पीने की पानी की समस्या बनी हुई है। प्रशासन को शिकायत करने पर समाधान के लिए पहुंचे ठेकेदार खानापूर्ति करके चले जाते हैं। मेन सप्लाई में शुरुआत में पानी बहुत गंदा आता है। धीरे-धीरे इसका रंग हल्का होने लगता है लेकिन असल में यह बीमारी फैलाने वाला होता है। यहां सिविल सर्जन रहते हैं। फिर भी समस्या हल नहीं हुई। दो माह से पेट में दर्द की समस्या आने लगी है। ठीक होती है फिर हो जाती है। इससे पहले कभी ऐसे नहीं हुआ।
- एएस अरोड़ा, निवासी मॉडल टाउन
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दो माह से गंदा पानी आ रहा
मॉडल टाउन में पानी की जगह जहर सप्लाई हो रहा है। दो माह से गंदा पानी आ रहा है। जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कई बार शिकायत की है। ठेकेदार ठीक करने आते हैं और काम चलाऊ कार्य करते हैं। खरीदकर पानी पी रहे हैं। सीमेेंट के पाइप को लकड़ी से बंद कर रहे हैं। कहने को मॉडल टाउन है लेकिन पेयजल की किल्लत है। घर में लोग भी बीमार हो रहे हैं।
- नीलेश, निवासी मॉडल टाउन
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दो माह से काला पानी आ रहा है। जन स्वास्थ्य विभाग को शिकायत करने पर आते हैं और खानापूर्ति की जाती है। सीमेंट के पाइप के ऊपर लकड़ी लगाकर बंद किया जा रहा है। इतना ही नहीं गड्ढे को भी खुला छोड़ दिया जाता है। इससे बीमारियां भी फैलने लगी है।
- जेएस छिक्कारा, निवासी मॉडल टाउन
17-डॉ. संदीप गोयल, प्रोफेसर, गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग, पीजीआई- फोटो : Samvad
17-डॉ. संदीप गोयल, प्रोफेसर, गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग, पीजीआई- फोटो : Samvad
17-डॉ. संदीप गोयल, प्रोफेसर, गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग, पीजीआई- फोटो : Samvad
17-डॉ. संदीप गोयल, प्रोफेसर, गेस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग, पीजीआई- फोटो : Samvad