नई अनाज मंडी में गेहूं को बोरी में डालते श्रमिक। संवाद
रोहतक। गेहूं खरीद के लिए सरकारी क्रय केंद्र शुरू होते ही प्राइवेट आढ़त पर गेहूं के भाव बढ़ने लगे हैं। शनिवार को अनाज मंडी की आढ़त पर किसानों का पुराना गेहूं सरकारी दर से 35 रुपये अधिक प्रति क्विंटल की दर से बिका। हालांकि नया गेहूं अभी आना शुरू नहीं हुआ है लेकिन इस बार उत्पादन कम होने की वजह से आढ़त पर गेहूं का भाव सरकारी रेट से अधिक रहने की उम्मीद लगाई जा रही है। किसानों का भी कहना है कि उन्हें गेहूं की सरकारी रेट से अधिक कीमत मिलनी चाहिए।
शहर की अनाज मंडी में पिछले सप्ताह तक पुराना गेहूं भी सरकारी रेट से 10 से 20 रुपये अधिक की दर से बिक रहा था। थोड़ा हल्का गेहूं तो सरकारी रेट से भी नीचे बिका था लेकिन सरकारी क्रय केंद्र शुरू होते ही गेहूं की कीमत में तेजी शुरू हो गई है। हालांकि अभी मंडी में नये गेहूं की आवक नहीं हुई है लेकिन पुराना गेहूं 2050 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है। शनिवार को चनियाना गांव के किसान सुरेंद्र कुमार आढ़त पर पुराना गेहूं बेचने आए थे। उनका गेहूं 2050 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बिका। मंडी में भाव का पता करने आए कलानौर के किसान राजपाल सिंह, किलोई के प्रभुदयाल ने बताया कि इस बार बारिश की वजह से गेहूं की फसल को काफी नुकसान हुआ है। पिछले साल से इस बार पैदावार कम है। उन्होंने खेत में गेहूं की कटाई शुरू करा दी है। अगले सप्ताह गेहूं मंडी में बेचने लाएंगे। आज मंडी में कई जगह भाव की जानकारी की। सरकारी भाव 2015 रुपये प्रति क्विंटल है लेकिन आढ़त पर इससे अधिक भाव मिलने की उम्मीद है। किसानों का कहना था कि इस बार किसान को कम से कम 2100 रुपये क्विंटल का भाव मिलना चाहिए था। बारिश में इस बार नुकसान काफी हुआ है। इसलिए सरकार गेहूं पर कम से कम 100 रुपये बोनस दे।
कोट
अभी बहुत कम पुराना गेहूं आ रहा है। शनिवार को 2050 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं बिका। हालांकि इस भाव में किसान गेहूं बेचने को राजी नहीं है। बारिश की वजह से इस बार उत्पादन कम हुआ है। इसलिए इस बार मंडी में गेहूं का भाव सरकारी रेट से अधिक रहने की संभावना है। आढ़ती भी चाहता है किसान को अधिक से अधिक भाव मिले।-डिंपल ,अध्यक्ष अनाज मंडी एसोसिएशन