किसानों ने लघु सचिवालय के बाहर रोड पर खड़ी कीं ट्रैक्टर ट्रालियां।
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सरकार ने साफ कर दिया है कि मंडी में जितना भी पीआर धान पड़ा है, वह सारा खरीदा जाएगा। दो दिनों से खरीद न होने से नाराज किसानों ने हरियाणा के रोहतक में लघु सचिवालय के बाहर सड़क पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियां लगाकर एक तरफ सड़क जाम कर दी और धरना दिया। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया और हरियाणा राज्य मार्केटिंग बोर्ड के सीए ने मंडी में पड़ा 18 हजार क्विंटल धान खरीदने की अनुमति दे दी। देर शाम मंडी में गेट पास जारी हो गए और खरीद भी शुरू हो गई। इस दौरान करीब साढ़े चार घंटे तक लघु सचिवालय के बाहर एक साइड की सड़क पर आवाजाही बंद रही। पुलिस ने दूसरी साइड से ट्रैफिक निकाला।
राज्य सरकार ने 4 से 7 नवंबर तक पीआर धान की खरीद न करने के आदेश दिए थे। लेकिन 8 नवंबर को भी खरीद नहीं हुई, 9 नवंबर को भी किसान धान लेकर मंडी पहुंचे तो किसी के पास कोई जवाब नहीं था। किसानों का गुस्सा फूट पड़ा और वे सभा के जिला प्रधान प्रीत सिंह और भाकियू के प्रधान चांद सिंह कुंडू की अगुवाई में ट्रैक्टर-ट्रॉलियां लेकर दोपहर करीब 12 बजे लघु सचिवालय पहुंच गए। किसानों ने लघु सचिवालय के सामने एक तरफ की सड़क जाम कर दी। पुलिस ने आनन-फानन में दूसरे साइड से वाहनों को निकलवाया।
कई बार अधिकारियों ने किसानों से बात कर आवाजाही बहाल करने को कहा, पर वे नहीं माने। उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार की तबीयत ठीक नहीं थी, लेकिन आखिर उन्हें ही दखल देना पड़ा। उन्होंने हरियाणा राज्य मार्केटिंग बोर्ड के सीए से बात की। इस दौरान मार्केट कमेटी के अधिकारियों ने फीडबैक दिया कि मंडी में करीब 18 हजार क्विंटल पीआर धान है।
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इसके बाद सीए ने सारा 18 हजार क्विंटल धान खरीदने की अनुमति दी। एसडीएम राकेश सैनी ने धरनास्थल पर आकर किसानों को इसकी जानकारी दी। किसानों ने फिर पूछा कि खरीद शुरू होगी या नहीं। एसडीएम सैनी ने जवाब दिया कि होगी। इसके बाद शाम करीब साढ़े चार बजे धरना खत्म हुआ और सड़क पर आवाजाही बहाल हो सकी। उसके साथ ही मंडी में भी गेट पास जारी होने का काम शुरू हो गया। देर शाम पीआर धान की खरीद भी शुरू हो गई थी।