रोहतक। अमरूत योजना-दो के तहत अब जनस्वास्थ्य विभाग गढ़ी बोहर और झज्जर रोड जलघर के नजदीक रॉ वाटर स्टोरेज टैंक (पानी के भंडारण जलाशय) बनाएगा। चिह्नित दोनों ही जगह पर सुगमता से जेएलएन व बीएसबी नहर का पानी पहुंच जाएगा। वहीं, इंजीनियरों ने पेयजल लाइन से अछूते तथा जनसंख्या की अनुसार कम क्षमता की पेयजल लाइन के इलाकों को चिह्नित करना शुरू कर दिया है। जल्द ही नई पाइप लाइन बिछाने की भी योजना को अमलीजामा पहनाया जाएगा।
अमरूत योजना-दो के जनस्वास्थ्य विभाग को साल 2038 की संभावित जनसंख्या के हिसाब से पानी सप्लाई का इंतजाम करना है। भले ही योजना के कार्य 2023 में शुरू होंगी मगर अभी से खाका खींचना शुरू कर दिया गया है। जनस्वास्थ्य विभाग के अधीक्षण अभियंता राजीव गुप्ता ने बताया कि रॉ वाटर स्टोरेज टैंक बनाने के लिए नगर निगम की गढ़ी बोहर में 24 एकड़, झज्जर जलघर के नजदीक, सुनारिया जेल के पीछे 27 एकड़ और सुनारिया कलां में 27 एकड़ जमीन देखी गई है। नहर का पानी टैंकों तक सुगमता से पहुंचाना है, इसलिए गढ़ी बोहर और झज्जर रोड जलघर के नजदीक की जमीन ही उपयुक्त है। इसलिए फिलहाल तय किया गया है कि दोनों जगह पर ही रॉ वाटर स्टोरेज टैंक बनवाए जाएंगे। वहीं, शहर के जिन इलाकों में अभी तक पेयजल लाइन नहीं बिछी है अथवा संख्या की तुलना में लाइनों की क्षमता कम है, उनको चिह्नित किया जा रहा है। इंजीनियरों की टीम जल्द ऐसे इलाकों की सूची बनाकर देगा ताकि नई पेयजल लाइन बिछाई जा सके।
पीडीएमसी लगाएगी अंतिम मोहर, करेगी निगरानी
अमरूत योजना-दो के तहत होने वाले कामों का भले ही जनस्वास्थ्य विभाग खाका बना रहा है मगर सरकार से जल्द गठित होने वाली पीडीएमसी (प्रोजेक्ट डेवलपमेंट मॉनीटरिंग कमेटी) अंतिम मोहर लगाएगी। पीडीएमसी एक-एक योजना की धरातल पर उपयोगिता परखेगी। यही नहीं, हर काम की निगरानी भी करेगी ताकि गुणवत्ता किसी तरह से प्रभावित नहीं हो।
वर्जन
अमरूत योजना-दो के तहत सरकार पीडीएमसी का गठन करेगी, जो योजनाओं पर अंतिम मोहर लगाएगी। पीडीएमसी कार्यों की गुणवत्ता की मॉनीटरिंग भी करेगी। फिलहाल गढ़ी बोहर और झज्जर रोड जलघर के नजदीक रॉ वाटर स्टोरेंज टैंक बनाना तय किया है क्योंकि दोनों ही जगह नहरों के नजदीक हैं। टैंकों में नहरों का पानी सुगमता से पहुंच सकेगा।
- राजीव गुप्ता, अधीक्षण अभियंता जनस्वास्थ्य विभाग